रसगुल्ला की खोज किसने की? पश्चिम बंगाल को रसगुल्ले का जीआई टैग मिलने से ओडिशा के साथ चल रहा विवाद खत्म हो गया। देश में एक और डिश है, जिसकी खोज को लेकर अभी फैसला नहीं हुआ। यह डिश है, सांभर। तमिल और मराठी इस पर अपना-अपना दावा जताते रहे हैं। ज्यादातर लोग सांभर को द्रविड़ विशेषकर तमिल पाक संस्कृति का हिस्सा मानते हैं। हालांकि कई रिपोर्ट में दावा किया जाता रहा है कि यह मराठी व्यंजन है। तमिलनाडु के कुछ गांव में सांभर को महाराष्ट्र के सौर दाम आमटी का ही एक रूप माना जाता है।
मराठों ने तीन शताब्दी तक तमिलनाडु के कई हिस्सों पर राज किया
शिवाजी के पिता बीजापुर के सुल्तान शाहजी ने दक्षिणी कर्नाटक पर हमला कर कब्जा किया। उनकी मृत्यु के बाद उनके बेटे वेनकोजी ने 1974 में तमिलनाडु के राजा तंजावुर को अपने अधीन कर लिया। इस तरह मराठों ने 19वीं शताब्दी के मध्य तक तमिलनाडु के पूर्वी तटों पर राज किया। बाद में अंग्रेजों ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया।
मिश्रित संस्कृति में सांभर और मृदंगम की खोज
मराठा राज के दौरान तमिलनाडु में मराठी बोलने वालों की आबादी बढ़ गई। इस तरह वहां दोनों राज्यों की मिश्रित संस्कृति विकसित हुई। इसी संस्कृति में वाद्य यंत्र मृदंगम विकसित हुआ। वहीं इस संस्कृति की दूसरी खोज सांभर था, जो जल्द ही लोकप्रिय होकर पूरे उपमहाद्वीप में फैल गया।