विश्व हिंदू परिषद ने शुक्रवार को वरिष्ठ इस्लामिक विद्वान कांथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार की महिलाओं के बारे में कथित टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इन टिप्पणियों को असंवैधानिक और घिनौना बताया और विपक्षी नेताओं व मुस्लिम संगठनों से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा।
आरएसएस से जुड़े इस संगठन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली केरल सरकार और राष्ट्रीय महिला आयोग से भी मुसलियार की टिप्पणियों का संज्ञान लेने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
यह प्रतिक्रिया तब आई जब मुसलियार ने रविवार को कोच्चि में एक इस्लामिक सम्मेलन में कथित तौर पर कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक मंचों पर लाने से 'भारी विनाश' होगा। इससे बचने के लिए इस्लाम महिलाओं के लिए 'पर्दे' का नियम बताता है।
वीएचपी ने क्या आरोप लगाया?
एक्स पर एक पोस्ट में, वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ-साथ अन्य धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक नेताओं और मुस्लिम राजनीतिक दलों में इस इस्लामिक विद्वान के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है।
क्या आरोप लगाया?
उन्होंने एक्स पर आरोप लगाते हुए लिखा, 'केरल के ग्रैंड मुफ्ती के असंवैधानिक और घिनौने बयान पर पूरे धर्मनिरपेक्ष समुदाय के नेताओं की चुप्पी इस बात का स्पष्ट सबूत है कि वे भी इन महिला-विरोधी तत्वों की गिरफ्त में बुरी तरह फंसे हुए हैं।'
'क्या इस्लाम सच में ऐसा ही है?'
बंसल ने जमीयत, देवबंद और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) सहित मुस्लिम संगठनों से यह स्पष्ट करने को भी कहा कि क्या मुसलियार द्वारा व्यक्त किए गए विचार इस्लाम के अनुरूप हैं। उन्होंने पूछा, 'क्या इस्लाम सच में ऐसा ही है?' साथ ही उन्होंने इस्लामिक रीति-रिवाजों के तहत महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
बंसल ने क्या मांग की?
बंसल ने 'उलेमाओं, मौलानाओं, मुफ्तियों और इस्लामिक संस्थाओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। पूछा कि वे ऐसे बयानों के खिलाफ बोलने से क्यों कतरा रहे हैं। वीएचपी नेता ने आगे कहा कि अगर मुसलियार और दूसरे धर्मगुरुओं ने सच में गलत बातें कही हैं या इस्लाम के खिलाफ कुछ कहा है, तो उनकी गिरफ्तारी की मांग होनी चाहिए।
बंसल ने कहा, 'हम केरल सरकार से मांग करेंगे कि महिलाओं के प्रति ऐसी सोच रखने वाले व्यक्ति को जेल भेजा जाए और राष्ट्रीय महिला आयोग को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।'
अपने बयान के बचाव में क्या बोले मुसलियार?
मुसलियार ने गुरुवार को महिलाओं के बारे में अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि वे महिलाओं को घर में कैद रखने की वकालत नहीं करते हैं। इसके साथ ही जोर देकर कहा कि कई महिलाओं को शिक्षा और अवसर दिए जा रहे हैं। कांथापुरम ने कहा, 'यह कहना सही नहीं है कि महिलाओं को दूसरा दर्जा दिया गया है। हम ऐसे लोग नहीं हैं जो कहते हैं कि महिलाओं को दबना चाहिए। सभी को यह बात समझनी चाहिए।'