राजस्थान सरकार ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ की सरकार राजस्थान को आवंटित कोयला की खदानों से कोयला निकालने के लिए इजाजत नहीं दे रही है। जिसके कारण सरकार को बदनामी का सामना करना पड़ रहा है।
कोयला खदानों और उसकी निकासी को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल आमने सामने आ गए हैं। इस बारे में सीएम गहलोत ने सोनिया गांधी से तीसरी बार पत्र लिख इस मामले पर हस्तक्षेप कर सीएम भूपेश बघेल से मदद की मांग की है।
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सीएम गहलोत ने पत्र में लिखा है कि यदि सोनिया गांधी इस मामले पर हस्तक्षेप नहीं करतीं हैं तो बहुत गंभीर परिणाम होंगे। कोयला निकासी समय से नहीं हुई तो राजस्थान में बिजली संकट गहरा सकता है। इस विवाद पर गहलोत ने सोनिया गांधी को पहला पत्र एक दिसंबर 2021 को लिखा था।
राजस्थान सरकार ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ की सरकार राजस्थान को आवंटित कोयला की खदानों से कोयला निकालने के लिए इजाजत नहीं दे रही है। जिसके कारण सरकार को बदनामी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही राज्य में बिजली संकट खड़ा हो सकता है।
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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से राजस्थान के कोयला खदानों से कोयला निकालने दें।
दरअसल, केंद्र सरकार ने राजस्थान को छत्तीसगढ़ में अपने बिजली घरों के लिए कोयला निकालने के लिए दो कोयला खदान आवंटित किए हैं। मगर एनवायरमेंट क्लीयरेंस नहीं मिल पाने की वजह से वहां पर कोयले की निकासी नहीं शुरू हो पा रही है।