विवादित कट्टरपंथी प्रचारक जाकिर नाईक ने मलयेशिया की नागरिकता के लिए आवेदन किया है। आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोपों के चलते राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) नाईक को पूछताछ के लिए भारत लाना चाहती है।
एनआईए नाईक की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस यानी अंतरराष्ट्रीय अरेस्ट वारंट जारी कराना चाहती है। ऐसे में नाईक लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, नाईक मलयेशिया में स्थायी तौर पर निवास की कोशिश में जुटा है। हालांकि, मलयेशिया सरकार ने आवेदन पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है। इस बीच भारत सरकार राजनयिक कूटनीति के माध्यम से किसी भी देश में उसकी ओर से किए जा रहे नागरिकता के प्रयासों को विफल बनाने की योजना में जुट गई है।
सूत्रों ने बताया कि मलयेशियाई प्राधिकारी उसके ऊपर लगे हुए आतंक संबंधी आरोपों से वाकिफ हैं। ऐसे में उसे वहां की नागरिकता मिलना मुश्किल है। वह वर्तमान में कहां है इसका अभी पता नहीं लग पाया है।
हालांकि वह संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, अफ्रीकी और दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में भटक रहा हैं। गौरतलब है कि उन पर उपदेशों के माध्यमों से आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने, टेरर फंडिंग और करोड़ों रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। आरोप लगने के बाद वह भारत से भाग गया था।