ठेका मजदूरों का न्यूनतम वेतन दस हजार रुपये प्रति माह करने के लिए जल्द ही केंद्र सरकार एक कार्यकारी आदेश जारी करेगी। यह जानकारी रविवार को श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने दी। उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार श्रम कानूनों में सुधार करने और न्यूनतम वेतन से समान वेतन की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रही है।
लेकिन संसद में विपक्ष का सहयोग नहीं मिलने के कारण हम यह काम कार्यकारी आदेश के जरिए करेंगे।’ उन्होंने कहा कि संसद के सही तरीके से कामकाज नहीं चल पाने के कारण हम इंतजार नहीं करना चाहते और मजदूरों के कल्याण के लिए हम कुछ कार्यकारी आदेशों के साथ आगे कदम बढ़ाना चाहते हैं। दत्तात्रेय ने कहा कि सरकार ने ठेका मजदूरी (नियमन एवं उन्मूलन) केंद्रीय कानून के नियम 25 में बदलाव करने का निर्णय किया है।
प्रत्येक ठेका मजदूर दस हजार रुपये प्रति माह पाने के हकदार होंगे। उन्होंने कहा, ‘हमने यह कानून बना कर कानून मंत्रालय को (मंजूरी के लिए) भेज दिया है और जल्द ही इस संदर्भ में एक अधिसूचना आएगी। इसके बाद सभी राज्य सरकारें इस निर्णय को लागू करेंगी।’
उन्होंने कहा कि दत्तात्रेय ने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक और महंगाई भत्ते के मद्देनजर न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए हम पहले न्यूनतम मजदूरी बढ़ा कर दस हजार रुपये प्रति माह कर रहे हैं और उसके बाद हम समान वेतन की दिशा में जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सभी ठेकेदारों के लिए श्रम मंत्रालय के साथ पंजीकरण करना जरूरी है।