भारत और रूस के बीच संयुक्त उपक्रम के तहत कामोव हेलिकॉप्टर अब भारत में ही बनाए जाएंगे। इस करार के तहत 64 अरब रुपये खर्च किए जाएंगे। रूस की रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है।
डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एंड रिजनल पॉलिसी, रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन के प्रमुख विक्टर निकोलाइविच क्लाडोव ने कहा कि यह सौदा मई में रजिस्टर्ड किया गया था। क्लाडोव अंतरराष्ट्रीय सहयोग और क्षेत्रीय नीति विभाग के प्रमुख हैं।
वहीं रोस्टेक, रूस की 700 हाई-टेक नागरिक और सैन्य कंपनियों का सामूहिक संगठन है, जिसकी स्थापना 2007 में की गई थी। पिछले साल अक्टूबर में भारत और रूस ने दो रूसी कंपनियों और हिंदुस्तान ऐरोनोटिक्स लिमिटेड के बीच संयुक्त उद्यम के लिए एक विस्तृत समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
भारतीय सेना को हाईटेक करने के उद्देश्य से भारत अपने पुराने हो चुके चीता और चेतक हेलीकॉप्टर को बदलना चाहता है। इसी के तहत भारत ने कामोव का सौदा किया है।