सुप्रीम कोर्ट के तीन सितंबर, 2020 के लोन मोरेटोरियम मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले स्टेट बैंक के कर्मियों और अन्य के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए और उन्हें सजा दी जाए। यह मांग वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दी गई है।
शीर्ष अदालत ने तीन सितंबर को यह कहा था कि 31 अगस्त, 2020 के नोटिफिकेशन के मुताबिक, बिना अगली नोटिस के खातों को डूबा हुआ कर्ज (एनपीए) घोषित नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद एसबीआई और अन्य ने लोन मोरेटोरियम के मामलों में खातों को एनपीए घोषित कर दिया।