मंत्रालय की ‘कोविड-19 के लिए रोकथाम योजना’ के अनुसार कंटेनमेंट अभियान को उस जोन में जहां संक्रमण के अधिक मामले हैं, अंतिम मामला निगेटिव आने की तिथि से 28 दिन तक माना जाता है। इसमें कहा गया है कि राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इन क्षेत्रों में इस महामारी से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं और संक्रमण की चेन को तोड़ा जाए।
इसमें कहा गया है कि जहां संक्रमण के अधिक मामले आए हैं, उनके लिए निगरानी का बंद होना, एक अन्य क्षेत्र से भिन्न हो सकता है यदि इन क्षेत्रों के बीच कोई भौगोलिक निरंतरता नहीं हो। हालांकि गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के लिए निगरानी जारी रहेगी।
देश में महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और राजस्थान से बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं। केंद्र ने 170 जिलों को हॉटस्पॉट घोषित किया है । इसके अलावा 207 जिलों की पहचान गैर-हॉटस्पॉट जिलों के रूप में की है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के दस्तावेज के अनुसार अधिकारी निषिद्ध क्षेत्र में सक्रिय मामलों का पता लगाएंगे और सभी संदिग्ध मामलों तथा जोखिम वाले संपर्कों की जांच करेंगे, सभी संदिग्ध या पुष्ट मामलों को अलग करेंगे और सामाजिक दूरी को बनाए रखने संबंधी कदमों को लागू करेंगे।
मंत्रालय ने कहा, ‘कंटेनमेंट जोन के लिए चलाए जाने वाले अभियान का उद्देश्य संक्रमण की चेन को तोड़ना है ताकि कोरोना वायरस के कारण प्रभावित होने वाले मरीजों की संख्या और मृत्यु दर को कम किया जा सके।’