महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाके जैतापुर में देश के सबसे बड़े परमाणु पावर प्लांट के निर्माण में तेजी का रास्ता साफ हो गया है। इस प्लांट के लिए एक फ्रांसीसी कंपनी ईडीएफ ने सरकार को टेकभनो-कॉमर्शियल प्रस्ताव सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, टेकभनो-कॉमर्शियल प्रस्ताव समझौता प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव है, जिससे दोनों पक्षों को परियोजना की लागत और उससे बनने वाली बिजली का मूल्य निर्धारित करने में मदद मिलेगी।
यह प्रस्ताव विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ओर उनके फ्रांसीसी समकक्ष जीन-येव्स ली डायन के बीच 15 दिसंबर को हुई उस बैठक के लगभग एक सप्ताह बाद आया है, जिसमें परियोजना के काम में तेजी लाने को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी।
सूत्रों के मुताबिक, ईडीएफ ने यह प्रस्ताव न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआईएल) को सौंपा है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत सार्वजनिक क्षेत्र में परमाणु पावर प्लांटों की देखरेख का काम करता है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अब इस टेकभनो-कॉमर्शियल प्रस्ताव का अध्ययन करेगी। इस प्रस्ताव में परियोजना की लागत, फ्रांस की तरफ से दिए जाने वाले ऋण और बनने वाली बिजली का कुल मूल्य दिया गया है।