देश के नए संसद भवन का निर्माण मकर संक्रांति के दूसरे दिन शुक्रवार को शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी 10 दिसंबर को आधारशिला रखी थी। निर्माण कार्य देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ यानी 2022 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नए संसद भवन के निर्माण पर 971 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
पुरानी इमारत बनेगी संग्रहालय
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार से काम शुरू होने की जानकारी दी। नई इमारत बनने के बाद पुरानी इमारत को संग्रहालय में तब्दील कर दिया जाएगा। मौजूदा संसद भवन का निर्माण अंग्रेजों ने कराया था। इसकी आधारशिला 12 फरवरी 1921 को रखी गई थी।
योजना के प्रमुख बिंदु
- नए संसद भवन में कुल 1224 सदस्य बैठ सकेंगे। लोकसभा के 888 और राज्यसभा के 384।
- सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत कुल 64500 वर्गमीटर होगा निर्माण। प्रोजेक्ट में 10 इमारतें और बनेंगी। इन बिल्डिंगों में केंद्र सरकार के 51 मंत्रालयों के कार्यालय होंगे।
- इस एकीकृत परिसर में आवाजाही के भूमिगत रास्ते होंगे।
- नए संसद भवन में विशाल कांस्टीटयूशन हॉल भी होगा, जिसमें भारत की लोकतांत्रिक विरासत को सहेजा जाएगा।
- इमारत में एक लाइब्रेरी, अनेक बैठक कक्ष, डाइनिंग एरिया व पर्याप्त पार्किंग सुविधा होगी।
- भवन में फर्निचर स्मार्ट डिस्प्ले वाला होगा। वोटिंग की परेशानी दूर करने के लिए बॉयोमीट्रिक व्यवस्था होगी। भाषांतरण व रिकॉडिंग की सुविधा भी डिजिटल होगी। सब कुछ रियल टाइम रिकॉर्ड व प्रसारित हो सकेगा।
- माइक्रोफोन इस तरह के होंगे कि स्पीकर जरूरत के मुताबिक उनकी आवाज कंट्रोल कर सकेंगे। इससे सदन के बेहतर संचालन में मदद मिलेगी।