राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को संविधान दिवस के मौके पर लोगों को संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में प्रस्तावना पढ़ी। दूरदर्शन ने इसका सीधा प्रसारण किया और इस दौरान देश भर से लोग उनके साथ जुड़े।
गुजरात के केवडिया में भी एक बड़े स्क्रीन पर इसे दिखाया गया। केवडिया में पीठासीन अधिकारियों के 80वें अखिल भारतीय सम्मेलन के आयोजन के दौरान इसका प्रसारण हुआ। बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति के साथ अन्य प्रतिभागियों ने भी प्रस्तावना पढ़ी।
इस मौके पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम के महान दूरदर्शी नेताओं ने आधारभूत दस्तावेज तैयार किए। राष्ट्रपति ने कहा कि केवल संविधान के केंद्र में लोकतंत्र है बल्कि संविधान सभा का भी लोकतांत्रिक तरीके से गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि
न्याय तक पहुंच में कई सारी बाधाएं हैं और इनमें खर्च भी सर्वोपरि हैं। यह देखकर खुशी हो रही है कि कोविड-19 महामारी के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन तरीके से याचिकाएं दाखिल करने की व्यवस्था का इस्तेमाल करते हुए सुचारू रूप से कामकाज हो रहा है।
कोरोना वायरस महामारी के बावजूद सबको न्याय सुनिश्चित करने के लिए अपनी ड्यूटी निभाने वाले बार, बेंच और अधिकारियों की मैं सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बावजूद सबको न्याय सुनिश्चित करने के लिए अपनी ड्यूटी निभाने वाले बार, बेंच और अधिकारियों की मैं सराहना करता हूं।
इस दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी लोगों ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। इसके साथ ही इस अवसर पर वेबिनार, प्रदर्शनी, निबंध लेखन, पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता और स्लोगन प्रतियोगिता जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ जिनका मकसद संविधान में बताए गए मूल्यों और सिद्धांतों का उल्लेख करना और उसे दोहराना है।