सार
देश के सैन्य ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने बताया कि थिएटर कमान गठन पर तीनों सेनाओं में सहमति बन चुकी है। ‘ऑपरेशन तिरंगा’ के तहत तैयार प्रस्ताव 1-2 हफ्तों में सरकार को सौंपा जाएगा, जिससे सेना की ताकत और समन्वय और मजबूत होगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने देश के सैन्य ढांचे में बड़े बदलाव को लेकर अहम जानकारी दी है। बंगलूरू में आयोजित ‘रण संवाद-2026’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि थिएटर कमान के गठन को लेकर तीनों सेनाओं के बीच चर्चा पूरी हो चुकी है और एक से दो सप्ताह के भीतर इसका प्रस्ताव सरकार को सौंप दिया जाएगा। जनरल चौहान ने बताया कि थिएटर कमानों के गठन की पूरी प्रक्रिया को ‘ऑपरेशन तिरंगा’ नाम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार करने का काम अंतिम चरण में है और सेना की ओर से आवश्यक कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि तीनों सेनाएं इस पर सहमत हैं और आपसी चर्चा समाप्त हो चुकी है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव को औपचारिक रूप से सरकार तक पहुंचने में करीब दो सप्ताह का समय लग सकता है। इसके बाद इसे रक्षा मंत्री और फिर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सीडीएस ने कहा कि थिएटर कमान के दो प्रमुख पहलू हैं अवधारणा और कार्यान्वयन।
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क्या है थिएटर कमान
वर्तमान में सेना, नौसेना और वायुसेना की कुल 17 अलग-अलग कमानें हैं। थिएटर कमान का उद्देश्य इन तीनों सेनाओं की ताकत और संसाधनों को एक भौगोलिक क्षेत्र के तहत एक ही कमांडर के अधीन लाना है, ताकि युद्ध की स्थिति में एकीकृत रणनीति के तहत कार्रवाई हो सके।
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क्यों पड़ी जरूरत?
आधुनिक युद्ध अब केवल जमीन या हवा तक सीमित नहीं रह गए हैं। अंतरिक्ष, साइबर और सूचना क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच अलग-अलग कमान के तहत काम करना कठिन हो गया है। एकीकृत कमान बनने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, सैन्य खर्च में कमी आएगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी होगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में सीडीएस पद के गठन के साथ ही थिएटर कमान की प्रक्रिया शुरू हुई थी।