आज दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस वर्किंग कमिटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। राहुल गांधी की अध्यक्षता में यह दूसरी बैठक थी। इसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद शामिल रहे। वहीं तबियत खराब होने की वजह से सोनिया गांधी इस बैठक में हिस्सा नहीं ले रही हैं। बैठक में एनआरसी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके अलावा चार राज्यों में होने वाले चुनावों के लिए रणनीति बनाई गई।
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, 'आज सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई। एक टीम के तौर पर हमने देश की राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा की और सरकार का युवाओं को रोजगार देने में असफल होना, भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को दिखाने के लिए यह कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा अवसर है। मैं उन सभी लोगों का शुकगुजार हूं जो आज की बैठक में शामिल हुए।'
बैठक खत्म होने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए अशोक गहलोत ने कहा, 'एनआरसी ड्राफ्ट कानून, भ्रष्टाचार, बैंक धोखाधड़ी और राफेल डील पर सीडब्ल्यूसी की बैठक में चर्चा हुई। बेरोजगारी के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। हमने चार राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।'
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव को एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) का मुद्दा कांग्रेस के लिए भाजपा पर निशाना साधने के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने का काम सफल होती या नहीं यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन इसकी जमीन तैयार करने के लिए आज दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में विचार-विमर्श हुआ।
बढ़ते मॉब लिंचिग के मामले, एलपीजी सहित आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने जैसे मसलों पर भी बैठक में चर्चा हुई। इससे पहले राहुल ने 31 जुलाई को अपने आवास पर मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह की आपातकालीन बैठक बुलाई थी। विधानसभा चुनावों के लिए क्या प्रचार रणनीति बनाई जाएगी इसपर भी चर्चा होगी। मध्यप्रदेश में राहुल खंडवा जिले के ओमकारेश्वर से अपना प्रचार अभियान शुरू करेंगे। प्रचार शुरू करने से पहले वह शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे।