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CWC Meeting Live Updates: सोनिया के हाथ में रहेगी कांग्रेस की कमान, चिदंबरम बोले- असंतोष ही परिवर्तन लाता है

Mon, 24 Aug 2020 09:59 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

  • कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व के मामले पर हुई कार्यसमिति की बैठक
  • नेतृत्व में बदलाव के लिए 23 नेताओं ने लिखी थी सोनिया गांधी को चिट्ठी
  • शुरुआत में ही विवाद, राहुल ने चिट्ठी को बताया भाजपा से मिलीभगत
  • कपिल सिब्बल, गुलाम नबी पहले भड़के फिर बदल गए उनके सुर
  • अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी सोनिया, की थी पद छोड़ने की पेशकश
  • नया अध्यक्ष चुनने को यथाशीघ्र एआईसीसी का सत्र बुलाने का फैसला
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पी चिदंबरम (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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लाइव अपडेट

09:56 PM, 24-Aug-2020

पत्र लिखने वाले मेरी या राहुल गांधी की तरह ही भाजपा विरोधी : चिदंबरम

वहीं, पार्टी नेतृत्व को लेकर हुए आज के घटनाक्रम पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि असंतोष की परिवर्तन का वाहक होता है। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने पत्र लिखा है वे निश्चित रूप से भाजपा के विरोधी हैं जैसा कि मैं हूं या राहुल गांधी हैं। हमेशा असंतोष होता है, वास्तव में यह असंतोष ही है जो बदलाव लाता है। जब तक असंतोष नहीं होगा, परिवर्तन नहीं होगा।'

09:19 PM, 24-Aug-2020

गुलाम नबी के आवास पर बैठक समाप्त हुई

उधर गुलाम नबी आजाद के आवास पर हो रही बैठक भी समाप्त हो गई है। इस बैठक में कपिल सिब्बल, शशि थरूर, मनीष तिवारी और मुकुल वासनिक मौजूद थे।

08:17 PM, 24-Aug-2020

उधर सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, शशि थरूर और कपिल सिब्बल गुलाम नबी आजाद के आवास पर पहुंचे हैं। 

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07:29 PM, 24-Aug-2020

सोनिया ने कहा, किसी को लेकर दुर्भावना नहीं

सुरजेवाला ने बताया कि बैठक में सोनिया गांधी ने कहा, 'संगठनात्मक मुद्दों को हमेशा संबोधित किया जाता है और गठन व पुनर्गठन की प्रक्रिया सतत रूप से चलती रहती है।' सोनिया ने  कहा कि वह पार्टी के किसी के नेता या साथी के विषय में गलत भावना नहीं रखती हैं। वह सभी के साथ एक परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार करती हैं। 

07:20 PM, 24-Aug-2020

अगले अध्यक्ष के लिए होगा चुनाव : सुरजेवाला

सुरजेवाला ने कहा कि बैठक में कई नेताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में आवाज उठाई। वे राहुल गांधी को अध्यक्ष पद पर देखने की मांग कर रहे थे। हम सभी जानते हैं कि हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं और नए अध्यक्ष के लिए उचित समय पर चुनाव करवाए जाएंगे। यह मेरी भी इच्छा है कि राहुल गांधी ही पार्टी अध्यक्ष बनें लेकिन मैं नहीं जानता कि चुनाव का क्या परिणाम निकलेगा।  

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07:17 PM, 24-Aug-2020

संगठनात्मक बदलाव का पूरा अधिकार सोनिया गांधी को 

सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी में संगठनात्मक बदलाव का पूरा अधिकार सीडब्ल्यूसी ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिया है। ताकि सभी चुनौतियों का सामना किया जा सके। बैठक में सोनिया ने कहा कि हम एक विशाल परिवार हैं, जिसमें मुद्दे उठते हैं। लेकिन अंत में हम एक साथ आते हैं। समय की मांग यह है कि हम जनता के लिए और उन ताकतों के खिलाफ लड़ें जो देश को कमजोर कर रही हैं। 

07:14 PM, 24-Aug-2020

पार्टी मंच पर हो आंतरिक मामलों पर विमर्श

सुरजेवाला ने कहा कि बैठक में स्पष्ट किया गया कि पार्टी के अंदरूनी मामलों पर विमर्श मीडिया या सार्वजनिक पटलों पर नहीं किया जा सकता है। सभी नेताओं से कहा गया कि पार्टी से संबंधित मुद्दे पार्टी से संबंधित मंचों से ही रखे जाएं, जिससे पार्टी में अनुशासन बना रहे। कोरोना काल में एआईसीसी के अगला अधिवेशन बुलाए जाने तक वह पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष पद पर बनी रहें, जिसे उन्होंने स्वीकार किया।

पार्टी को कमजोर करने की अनुमति किसी को नहीं

वहीं, सुरजेवाला ने कहा, 'बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में कोरोना महामारी को प्रभावी तरीके से संभाला जाए और सभी को इलाज उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।' उन्होंने कहा कि बैठक में सोनिया और राहुल गांधी के हाथों में पार्टी को हर संभव तरीके से मजबूत करने का संकल्प लिया गया। पार्टी को कमजोर करने की अनुमति न तो किसी को दी जा सकती है और न दी जाएगी। 

पार्टी में चिंताएं जाहिर करने की स्वतंत्रता

इस बैठक को लेकर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेसवार्ता की। वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक में तय किया गया है कि किसी को भी पार्टी को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पार्टी में चिंताएं जाहिर करने की स्वतंत्रता है। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि ऐसी चिंताएं केवल पार्टी के मंच पर ही जाहिर करनी चाहिए न कि सार्वजनिक मंचों पर।

पार्टी को सोनिया-राहुल पर भरोसा : पूनिया

बैठक को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य पीएल पूनिया ने कहा कि सदस्यों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, 'सदस्यों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी में भरोसा जताया और उनसे अनुरोध किया कि पार्टी का नेतृत्व करना जारी रखें। नया अध्यक्ष चुनने के लिए अगली बैठक जल्द ही, संभवत: अगले छह महीने में बुलाई जाएगी। तब तक के लिए सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बने रहने के लिए सहमत हो गई हैं।' 

पूनिया ने कहा, 'विचारों को व्यक्त करने की स्वतंत्रता है लेकिन इस पर चर्चा पार्टी के मंच पर होनी चाहिए न कि सार्वजनिक मंच पर, सदस्यों ने इस पर चिंता जताई। सोनिया गांधी ने कहा कि हम सब एक परिवार हैं और हमें मिलकर पार्टी को मजबूत करना है।'

नेतृत्व को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं : मुनियप्पा

कांग्रेस नेता और सीडब्ल्यूसी के सदस्य केएच मुनियप्पा ने कहा है कि सोनिया गांधी पद पर बनी रहेंगी और कार्यसमिति ने एकमत से निर्णय लिया है कि अध्यक्ष पद के लिए जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा, नेतृत्व को लेकर कोई अलग विचार नहीं है। यहां तक कि गुलाम नबी आजाद, मुकुल वासनिक और आनंद शर्मा ने भी लिखित में दिया है कि नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं है।

सात घंटे चली सीडब्ल्यूसी की बैठक

सूत्रों ने बताया कि सीडब्ल्यूसी की बैठक सात घंटे चलने के बाद संपन्न हुई। सोनिया गांधी फिलहाल के लिए पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में फैसला लिया गया है कि पार्टी का नया अध्यक्ष छह महीने के अंदर चुना जाएगा। 

सोनिया गांधी बनी रहेंगी अंतरिम अध्यक्ष

कांग्रेस नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद में अब जानकारी आ रही है कि फिलहाल सोनिया गांधी ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैठक में नेतृत्व बदलाव पर अभी कोई फैसला नहीं हो सका है और सोनिया के ही पद पर रहने पर सहमति बनी। इससे पहले झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने भी सोनिया गांधी से पद पर बने रहने का अनुरोध किया था। झारखंड कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि सोनिया के नेतृत्व के कारण पार्टी में स्थिरता है।

हमने सीमा में रहकर मुद्दे उठाए : गुलाम नबी आजाद

सूत्रों ने बताया कि बैठक में मौजूद अंबिका सोनी ने कहा कि पार्टी के संविधान के तहत उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है जिन्होंने पार्टी नेतृत्व को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखा। वहीं, गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा ने कहा कि वह मुद्दे उठाने में अपनी सीमा में थे। इसके बाद भी अगर किसी को लगता है कि यह अनुशासनहीनता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। 

'सोनिया और राहुल के नेतृत्व पर पूरा भरोसा'

जिन नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखा था, उन्होंने सीडब्ल्यूसी की बैठक में कहा है कि उन्हें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक उन नेताओं ने कहा, 'संगठन की बेहतरी के लिए कुछ चिंताएं थीं, पत्र उन्हें जाहिर करने के लिए लिखा गया था। हमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।'

मुस्लिम नेता कब तक कांग्रेस नेतृत्व के गुलाम रहेंगे : ओवैसी

कांग्रेस में भाजपा से सांठगांठ के आरोपों को लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा, 'गुलाम नबी आजाद हमें भाजपा की बी टीम कहा करते थे। अब, उनकी ही पार्टी के पूर्व अध्यक्ष कह रहे हैं कि उन्होंने पत्र पर दस्तखत कर भाजपा से मिलीभगत की है। कांग्रेस में अपना समय बर्बाद कर रहे मुस्लिम नेताओं को सोचना चाहिए कि वह आखिर कब तक कांग्रेस नेतृत्व के गुलाम बने रहेंगे।'

मिलीभगत वाले बयान पर सुरजेवाला ने दी थी सफाई

भाजपा से मिलीभगत के बयान पर विवाद शुरू होने के बाद पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला डैमेज कंट्रोल करने के लिए उतरे थे। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी की बात का वो मतलब नहीं था और न ही उन्होंने ऐसा कहा। कृपया झूठी मीडिया बातचीत या गलत सूचना के प्रसार से भ्रमित न हों। लेकिन हां, हम सभी को एक साथ मिलकर मोदी सरकार के खिलाफ लड़ना है न कि एक-दूसरे को चोट पहुंचाने या कांग्रेस के खिलाफ।' वहीं, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने बैठक में राहुल गांधी से कहा कि वे कांग्रेस पार्टी की कमान को अपने हाथों में लें।

सोनिया के हाथ में रहेगी कांग्रेस की कमान, चिदंबरम बोले- असंतोष ही परिवर्तन लाता है

कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर छिड़ी बहस के बीच सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की आभासी बैठक सात घंटे चलने के बाद संपन्न हो गई है। बैठक की शुरुआत ही विवादों के साथ हुई जब राहुल गांधी ने पार्टी में नेतृत्व को लेकर 23 नेताओं की सोनिया गांधी को भेजी गई चिट्ठी को भाजपा के साथ मिलीभगत बता दिया। इस पर पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आजाद ने विरोध जताया और साबित होने पर इस्तीफा देने तक की बात कह दी। 

हालांकि, बाद में पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सफाई देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। इसके थोड़ी देर बाद ही सिब्बल और आजाद दोनों के सुर बदल गए। पहले सिब्बल ने कहा कि वह अपना ट्वीट वापस ले रहे हैं क्योंकि राहुल गांधी ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर सब बातें बताई हैं। इसके कुछ ही देर बाद आजाद ने भी कहा कि राहुल गांधी ने न तो सीडब्ल्यूसी बैठक में और न बाहर भाजपा से मिलीभगत की बात कही है। 

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