केरल में सोमवार को कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बिजली मंत्री के कृष्णनकुट्टी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चित्तूर में मंत्री के दफ्तर तक मार्च निकाला। यह विरोध प्रदर्शन 2018 में आई बाढ़ के दौरान बांधों के गलत प्रबंधन के आरोपों को लेकर हुआ। उस बाढ़ में कई लोगों की जान चली गई थी।
हाल ही में कांग्रेस विधायक मैथ्यू कुझालनादन ने एक कथित ऑडियो क्लिप जारी की। इस क्लिप में कृष्णनकुट्टी की आवाज होने का दावा किया गया है। इसमें वह पहली पिनाराई विजयन सरकार के दौरान आई बाढ़ के लिए तत्कालीन जल संसाधन मंत्री मैथ्यू टी थॉमस और बिजली बोर्ड के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
जब प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी मंत्री से सफाई और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हालांकि, विधानसभा चुनाव के बाद अभी राज्य में केवल कार्यवाहक सरकार ही काम कर रही है। कृष्णनकुट्टी ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा था। उनकी पार्टी ने चित्तूर से वी मुरुकादास को मैदान में उतारा था।
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कांग्रेस उम्मीदवार सुमेश अच्युतन ने भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। अच्युतन ने पत्रकारों से कहा कि यह आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 की बाढ़ के पीछे की साजिश में कृष्णनकुट्टी भी शामिल थे। उन्होंने उन कार्यों का समर्थन किया जिनके कारण ऐसी आपदा आई जिसमें लगभग 500 लोगों की जान चली गई और 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
अच्युतन का यह भी दावा है कि बाढ़ से जुड़ी गड़बड़ियों की जानकारी होने के बावजूद कृष्णनकुट्टी ने थॉमस के साथ समझौता किया और दूसरी एलडीएफ सरकार में मंत्री पद हासिल कर लिया। उन्होंने कहा कि इस ऑडियो क्लिप से साफ है कि विधानसभा में बाढ़ को लेकर दी गई जानकारी गलत थी। दूसरी तरफ, मंत्री कृष्णनकुट्टी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी ऐसे बयान नहीं दिए। उन्होंने कहा कि यह ऑडियो क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाई गई हो सकती है।
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