बताते चलें कि इससे पहले रविवार (25 फरवरी) को केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने राज्य की नारायणस्वामी सरकार पर जोरदार हमला बोला। पीएम ने यहां ऑरोविल इंटरनेशनल शहर के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि पुदुचेरी विकास में क्यों पिछड़ा, इसका जवाब यहां की सरकार को देना चाहिए। देशभर में ट्रांसपोर्ट सिस्टम में विकास हो रहा है जबकि यहां ऐसा कुछ नजर नहीं आता।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि एक जमाने में यहां का टेक्सटाइल सेक्टर इतना समृद्ध था, लेकिन अब उसकी चमक फीकी पड़ गई है। यहां का कॉपरेटिव सेक्टर भी लगभग दम तोड़ रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा था कि जब श्री अरविन्द घोष जी अंग्रेजों से बच कर पुदुचेरी आए थे तो आप लागों ने दोनों हाथों से गले लगाकर उन्हें ज्ञान गुरु बनाया। जब कवि भारती उसी माहौल में यहां पधारे तो आपने उनका हृदय से स्वागत किया। पुदुचेरी ने ही उन्हें राष्ट्र कवि बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।
पीएम मोदी ने कहा था कि स्वतंत्रता सेनानी श्री वाचिनादन का भी पुदुचेरी ने दिल खोलकर स्वागत किया। राष्ट्र निर्माण के लिए, स्वतंत्रता के लिए पुदुचेरी का योगदान, एक ऐसी विरासत है, जो हमें आज भी गौरवान्वित करता है। गुलामी के उस कालखंड में जिन पत्रिकाओं पर अंग्रेज ये सोचकर रोक लगा देते थे कि उन्हें छापना अपराध है, उनका प्रसार अपराध है, वो पत्रिकाएं पुदुचेरी ने छापी। यहां के लोगों ने एक नहीं बल्कि दो-दो स्वतंत्रता आंदोलनों में हिस्सा लिया है।
उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार के मई में 48 महीने पूरे होने जा रहे हैं। लेकिन देश में 48 सालों तक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर उनकी सरकार रही। अब यह जनता के ऊपर है कि वह निर्णय करे कि उन्होंने इस दौरान क्या खोया और क्या पाया। एक परिवार ने 10 साल तक रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाई।'
गौरतलब है कि पुदुचेरी में मौजूदा समय में कांग्रेस की सरकार है। और यहां के मुख्यमंत्री वी.नारायणस्वामी हैं।