देश की अखंडता एवं लोगों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। सीमाओं की सुरक्षा, डाटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सुरक्षा और संचार सुरक्षा व व्यापार मार्गों को सुरक्षित करने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे। रक्षा से संबंधित मामलों पर सरकार के प्रमुख सलाहकार के रुप में रक्षा स्टाफ प्रमुख (सीडीएस) के कार्यालय की स्थापना की जाएगी।
भाजपा सरकार ने सुरक्षा सलाहकार बोर्ड को जनवरी 2015 से अक्तूबर 2016 के बीच अनिश्चिय की स्थिति में रखा और बाद में इसे समाप्त कर दिया। कांग्रेस एनएसएवी को दोबारा स्थापित कर उसे वैधानिक आधार प्रदान करेगी। इस प्रक्रिया में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और पेशेवरों को शामिल किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एनएसएवी, सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को सलाह देने के लिए एक नियमित पेशेवर सलाहकार समूह के तौर पर काम करे।
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि रक्षा और सुरक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए घरेलू क्षमता विकसित की जाएगी। सार्वजनिक क्षेत्र के अलावा निजी क्षेत्र की उन कंपनियों की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर जोर रहेगा, जिनके पास पूर्व योग्यता है। ऐसी कंपनियां सुरक्षा एजेंसी द्वारा सुरक्षित और विश्वसनीय घोषित होनी चाहिए। रक्षा और सुरक्षा उपकरणों की घरेलू क्षमता का तेजी से विस्तार होगा।