मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए एकजुट विपक्ष बनाने की कोशिशों के बीच आपसी विरोध के सुर भी उभरने लगे हैं। मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के साथ इन चुनावों के लिए किसी प्रकार के गठबंधन की संभावना को नकार दिया है।
संजय का ये बयान मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के ‘मोदी मुक्त भारत’ के लिए संयुक्त विपक्ष बनाने के आहृवान के बाद आया है। निरुपम ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि कांग्रेस कभी भी एक ऐसी पार्टी के साथ गठजोड़ नहीं करेगी, जो बांटने की राजनीति करती है। उन्होंने कहा, कांग्रेस और मनसे के वैचारिक सिद्धांतों में बहुत बड़ा अंतर है।
मनसे हमेशा समाज को भाषा और रीति-रिवाजों के आधार पर बांटने का प्रयास करती रहती है। निरुपम ने कहा, मनसे के उपद्रवी तरीकों को आजमाने के कारण ही मुंबई ‘असुरक्षित’ होती जा रही है। ये आंतरिक आतंकवाद है।
उन्होंने कहा, राज ठाकरे धमकी देते हैं। उनके कार्यकर्ता मासूम मुंबईकरों (मुंबई के निवासी) की दुकाने तोड़ते हैं, बाहर से आने वालों के लिए परेशानी खड़ी करते हैं और ये सब शहर के भले के लिए नहीं हो रहा है। उन्होंने साथ में जोड़ा कि महाराष्ट्र के निवासी पहले ही मनसे को नकार चुके हैं।