2019 का बिगुल बजने के लिए तैयार है। लोकसभा चुनाव कैसे जीता जाए, राजनीतिक पार्टियां इसी गुणा-भाग में लगी हैं। कई नई बातें भी देखने को मिल रही हैं। अतीत में जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र कमोबेश बंद कमरे में ही बनता आया है। यह पहला चुनाव है जब कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणा पत्र तैयार करने के लिए जनता से सहयोग मांगा है।
युवा क्या चाहते हैं, आर्थिक मामलों के जानकारों की सलाह क्या है, डिफेंस से जुड़े लोग सुरक्षा पर क्या सोचते हैं, सरकारी नौकरी कम हो रही है तो प्राइवेट क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार की क्या संभावनाएं हैं, महिलाओं की समस्याएं क्या हैं, जैसे कई अन्य वर्गों से उनकी राय ली जा रही है। करीब 150 शहरों में इस तरह की राय लेने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।
बता दें कि लोगों की राय लेकर घोषणा पत्र तैयार करने की पहल आम आदमी पार्टी ने गत विधानसभा चुनाव में की थी। आप' ने तो हर विधानसभा क्षेत्र का अलग-अलग घोषणा पत्र तैयार किया था। अब उसी तर्ज पर कांग्रेस पार्टी ने जनता से पूछकर लोकसभा चुनावों के लिए घोषणा पत्र तैयार करने की योजना बनाई है।
इस कार्य के लिए एक कमेटी भी गठित की गई है। वरिष्ठ नेता पी.चिदंबरम को इस कमेटी का प्रभारी बनाया गया है। पार्टी नेता जयराम रमेश का कहना है कि करीब डेढ़ सौ शहरों में लोगों के सुझाव लिए जा रहे हैं। पार्टी की वेबसाइट पर सुझाव भेजे जा सकते हैं। आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन एवं दूसरे कई अर्थशास्त्री भी कांग्रेस पार्टी के मेनिफेस्टो के लिए अपनी राय दे चुके हैं।
किसानों की समस्याओं को कैसे हल किया जाए, इसके लिए कृषि विशेषज्ञों की राय ली जा रही है।अगर सरकारी नौकरी नहीं है तो युवा किस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं, बैंक प्रणाली, सरकारी तंत्र और दूसरे विशेषज्ञ उनकी मदद किस तरह करेंगे, ये सब बातें भी पूछी जा रही हैं।
जीएसटी के अलावा अन्य वाणिज्यिक मसलों पर राय देने के लिए लोग आगे आ रहे हैं।विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की राय लेकर उसकी एक संयुक्त रिपोर्ट तैयार होगी। कांग्रेस पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक के समक्ष जनता के सुझावों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद ही कांग्रेस पार्टी अपने घोषणा पत्र को अंतिम रुप देगी।