विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत कई नेताओं को दो-दो सरकारी बंगले आवंटित किए गए हैं, जिसमें एक दिल्ली में है और एक भोपाल में। चूंकि सुषमा स्वराज विदिशा से सांसद हैं, इसलिए उन्हें भोपाल में बंगला आवंटित किया गया है। लेकिन सवाल ये है कि उन्हें यहां बंगले की क्या जरूरत, क्योंकि इस बंगले में रहना तो दूर, उनका भोपाल आना-जाना भी बहुत कम ही होता है।
इसके अलावा उमा भारती, नरेंद्र सिंह तोमर, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, आलोक संजर और प्रभात झा को भी दिल्ली से लेकर भोपाल तक दो-दो बंगले मिले हैं।
बंगलों के रखरखाव पर हर साल 50 करोड़ रुपये खर्च
राज्य में पूर्व मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और विधायकों को बी और सी श्रेणी के बंगले आवंटित किए गए हैं, जो एक एकड़ से ज्यादा भूभाग में फैले हुए हैं। इनमें बी श्रेणी के कुल 105 बंगले हैं, जिनका किराया 6 हजार रुपये प्रतिमाह है। जबकि सी श्रेणी के कुल 61 बंगले हैं, जिनका किराया 4,800 रुपये प्रतिमाह है। इन सभी बंगलों के रखरखाव पर हर साल सरकार के 50 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।