कर्नाटक विधानसभा में उम्मदवारों के चयन के लिए कांग्रेस अपने कुछ पुराने नियम और शर्तों को तोड़ने जा रही है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक परिवार, एक टिकट का नियम तोड़ने के बाद अब कर्नाटक में उम्मीदवारों की आयु सीमा में भी छूट देने की तैयारी चल रही है।
पार्टी कर्नाटक में इन दोनों नियम और शर्त को लेकर कुछ उम्मीदवारों को राहत देने जा रही है। राहुल गांधी ने 13 अप्रैल को कर्नाटक के लिए केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। दरअसल, राहुल गांधी बतौर उपाध्यक्ष पार्टी में इस बात के पक्षधर रहे हैं कि 70 साल से ऊपर के व्यक्ति को चुनाव में न उतारा जाए, लेकिन कुछ वर्तमान विधायकों और अपने इलाके में दबदबा रखने वाले कुछ जिताऊ नेताओं की उम्र इस नियम को लांघ रही है।
राज्य में कुछ ऐसे नेता भी टिकट की लाइन में हैं, जिनके परिवार का सदस्य पहले से ही मैदान में है। ऐसे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और वरिष्ठ नेताओं की राय है कि पार्टी हिमाचल की तरह अपवाद स्वरूप कुछ सीटों पर अपना रुख बदले।
राहुल गांधी की अध्यक्षता में होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में ही अंतिम फैसला होगा। इससे पहले पंजाब में राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा अपनी पत्नी को टिकट दिलाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने नियमों को हवाला देकर उन्हें रोक दिया था। हिमाचल में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और बेटे विक्रमादित्य सिंह दोनों को टिकट दिया गया था। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चाहकर भी अपने बेटे या बेटी को टिकट नहीं दिला सके थे।