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Congress v BJP: 'सरकार की विदाई तय' वाले कथित बयान पर बिफरे NDA नेता; गोयल ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया

Sun, 24 May 2026 07:45 PM IST
Jyoti Bhaskar आईएएनएस, नई दिल्ली/ मुंबई।

सार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कथित तौर पर कांग्रेस पार्टी की एक बैठक के दौरान दावा किया कि अगले एक साल के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत सरकार अल्पमत में आ जाएगी और सरकार की विदाई तय है। उनके इस कथित दावे पर भाजपा नीत गठबंधन- एनडीए के नेताओं ने पलटवार किया है। जानिए किसने क्या कहा?
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राहुल गांधी के बयान पर भाजपा-एनडीए का करारा पलटवार - फोटो : एएनआई/ आईएएनएस
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विस्तार
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कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कथित तौर पर बड़ा दावा किया। खबरों के मुताबिक लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पार्टी की बैठक के दौरान कहा, देश में बढ़ते आर्थिक असंतोष के कारण अगले एक साल में पीएम मोदी की विदाई तय है। राहुल के इस बयान पर भाजपा नेता संबित पात्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, ऐसे बयान लोकतांत्रिक व्यवस्था का विरोध करने वाली मानसिकता को दिखाते हैं।

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भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल के 'विदाई' वाले बयान पर एक प्रेस वार्ता में कहा, यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने इस प्रकार की टिप्पणी की हो। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। पात्रा ने राहुल को करीब छह साल पुराने बयान के आधार पर भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने साल 2019 का उल्लेख करते हुए कहा, उस समय भी राहुल गांधी ने संसद में ऐसा ही बयान दिया था। बकौल पात्रा, साल 2019 में कांग्रेस नेता ने कहा था कि एक समय ऐसा आएगा, जब लोग सड़कों पर उतरकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करेंगे। इसके बावजूद पीएम मोदी ने उस समय भी बेहद शांत और संयमित प्रतिक्रिया दी थी।

सत्ताधारी पार्टी की तरफ से जारी एक अन्य बयान में भाजपा ने राहुल गांधी के बयान को गैर जिम्मेदाराना बताया। भाजपा ने कहा, भारत का लोकतंत्र और संविधान बेहद मजबूत है। देश की सरकार जनता के जनादेश से चलती है। हालांकि, राहुल गांधी का हालिया बयान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बजाय अस्थिरता के जरिए सरकार को गिराने की सोच रखता है।
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पात्रा ने राहुल पर आरोप लगाया कि राहुल ने जैसी टिप्पणी की है, ऐसे बयान बिना किसी राजनीतिक मंशा के नहीं दिए जाते। यह देश में भ्रम तथा अशांति फैलाने की कोशिश है। उन्होंने कहा, वर्तमान समय में पूरी दुनिया युद्ध और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है। भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी नीत सरकार को 140 करोड़ देशवासियों का समर्थन और विश्वास प्राप्त है। भाजपा के अलावा सत्ताधारी गठबंधन- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल एक अन्य नेता सह केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी राहुल को आड़े हाथों लिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बिहार भाजपा अध्यक्ष क्या बोले?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कांग्रेस सांसद को आड़े हाथों लिया। उन्होंने राहुल के बयान को कोरी कल्पना करार दिया। राहुल के बयान पर भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, राहुल को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि वे चुनाव जीतेंगे या नहीं। कांग्रेस पार्टी का सफाया हो चुका है। देश में पार्टी अब प्रासंगिक नहीं रही।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल क्या बोले?
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के बयान को देश को अस्थिर करने की साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। गोयल ने कहा कि राहुल गांधी का बयान कांग्रेस और सभी विपक्षी दलों के साथ-साथ भारत को अस्थिर करने का सपना देखने वाले 'टूलकिट गैंग' की बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी और उनके सहयोगी दलों को एहसास हो गया कि वे प्रधानमंत्री मोदी को लोगों के दिलों से नहीं निकाल सकते और प्रत्यक्ष लोकतांत्रिक लड़ाई में भाजपा से जीत नहीं सकते, तो अब वे पूरे देश में हिंसा भड़काने पर उतारू हैं।

कांग्रेस 'अराजकता की राजनीति' पर उतरी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दावों पर भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी निशाना साधा। सुधांशु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, राहुल गांधी का यह बयान केवल राजनीतिक हताशा नहीं बल्कि भारत को अस्थिर करने की खतरनाक मानसिकता का सार्वजनिक प्रदर्शन है। जब-जब देश वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ, भारत की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंची और दुनिया ने भारत के नेतृत्व को स्वीकार किया, तब-तब भारत विरोधी अंतरराष्ट्रीय ताकतों ने देश को बदनाम करने का अभियान चलाया और कांग्रेस ने उनका साथ निभाया।

सुनियोजित ‘टूलकिट राजनीति’ का हिस्सा
बकौल त्रिवेदी, चुनावों में नगण्य रैलियां करके, उसी समय विदेशों में सैर-सपाटा कर के बिना मेहनत चुनाव जीतने का ख्वाब रखने के कारण राहुल गांधी लोकतांत्रिक चुनावों में लगातार हार रहे हैं। उन्होंने लिखा कि अब कांग्रेस 'अराजकता की राजनीति' पर उतर आई है। विदेशी धरती पर भारत की संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना, देशविरोधी नैरेटिव को हवा देना और भारत में अस्थिरता की भविष्यवाणी करना, यह सब संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘टूलकिट राजनीति’ का हिस्सा है। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गद्दार कहने वालों का असली चरित्र हर भारतीय के सामने बेनकाब हो गया।

'2029 में भी नरेंद्र मोदी ही बनेंगे प्रधानमंत्री'
केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा, राहुल गांधी अपनी सोच और नजरिए से भविष्य की कल्पना कर रहे हैं, लेकिन उनकी भविष्यवाणियां अब तक सही साबित नहीं हुई हैं। वर्ष 2019 में कांग्रेस को केवल 44 सीटें मिली थीं, तब भी राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने की बात कही थी, लेकिन भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में 303 सीटें जीतकर मजबूत सरकार बनाई थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी राहुल गांधी ने कई यात्राएं निकालीं और लगभग सभी विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट हुए, इसके बावजूद एनडीए सरकार सत्ता में लौटी।

उन्होंने कहा कि भाजपा की सीटें कुछ कम जरूर हुईं, लेकिन पार्टी ने कभी बोगस वोटिंग जैसे आरोप नहीं लगाए। उन्होंने राहुल गांधी पर लगातार बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि वर्ष 2029 में भी नरेंद्र मोदी ही देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। अठावले ने कहा, कांग्रेस पार्टी के नेता लगातार प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि वह केवल एक पार्टी के नेता नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं।

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उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितनी आलोचना करे या अपमानजनक भाषा का प्रयोग करे, केंद्र सरकार विकास और प्रगति के एजेंडे पर लगातार काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और सरकार का फोकस जनता के उत्थान और विकास पर कायम रहेगा।

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