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AIADMK के समर्थन से असहज हुई कांग्रेस: चिदंबरम बोले- TVK को किसी सहारे की जरूरत नहीं, NEET पर केंद्र को घेरा

Thu, 14 May 2026 09:26 AM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय बिना एआईएडीएमके गुटों के भी तमिलनाडु में स्थिर सरकार चला सकते हैं। उन्होंने टीवीके को मिले जनादेश का सम्मान करने की बात कही और NEET में राज्यों को अपनी प्रवेश प्रक्रिया तय करने की स्वतंत्रता देने की मांग की।
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कार्ति चिदंबरम क्या बोले? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने तमिलनाडु की नई राजनीतिक स्थिति और टीवीके सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दल स्वेच्छा से समर्थन देना चाहता है तो उसे मना नहीं किया जाएगा, लेकिन विजय के नेतृत्व वाली सरकार को एआईएडीएमके के किसी भी अलग गुट को शामिल करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कहा कि सीएम विजय पहले से मिले समर्थन के आधार पर खुद एक स्थिर सरकार चला सकते हैं। 

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कार्ति चिदंबरम ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस के कुछ विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है तो पार्टी उसका स्वागत करेगी। उन्होंने इसे कई दशकों बाद कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक अवसर बताया।

डीएमके के साथ कांग्रेस के संबंधों को लेकर क्या बोले?

डीएमके के साथ पुराने गठबंधन और चुनाव बाद टीवीके को समर्थन देने पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि इसे विश्वासघात नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद डीएमके सरकार बनाने की स्थिति में नहीं थी।

उन्होंने कहा कि मैं आज भी डीएमके का सम्मान करता हूं। यह तमिलनाडु की राजनीति में भविष्य रखने वाली बड़ी राजनीतिक ताकत है। हमने वर्षों तक उनके साथ मिलकर काम किया और कई चुनाव जीते। लेकिन इस चुनाव में जनता ने साफ तौर पर विजय के नेतृत्व वाली सरकार के पक्ष में जनादेश दिया।

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हालांकि उन्होंने माना कि डीएमके गठबंधन से अलग होकर टीवीके को समर्थन देने की प्रक्रिया को और अधिक संतुलित और सम्मानजनक तरीके से संभाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि इस दौरान संवाद की कुछ कमियां भी रही होंगी।

राज्य स्तर पर मतभेद के बावजूद डीएमके INDIA गठबंधन के साथ काम करेगी

राष्ट्रीय राजनीति पर बोलते हुए कार्ति चिदंबरम ने भरोसा जताया कि राज्य स्तर पर मतभेद होने के बावजूद संसद में कांग्रेस और डीएमके INDIA गठबंधन के तहत साथ काम करते रहेंगे। उन्होंने केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी अलग राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद विपक्षी दल राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग करते हैं।

नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर क्या बोले?

NEET परीक्षा को लेकर भी कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस परीक्षा का लगातार विरोध करती रही है और पार्टी संसद में भी यह मुद्दा उठाएगी।

कार्ति चिदंबरम ने करीब 22 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने के प्रस्ताव को अव्यावहारिक और छात्रों व अभिभावकों पर मानसिक दबाव बढ़ाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि राज्यों को यह अधिकार होना चाहिए कि वे प्रवेश परीक्षा या प्लस-टू अंकों के आधार पर अपनी प्रवेश प्रक्रिया तय करें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा संचालित कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया में केंद्र सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। साथ ही उन्होंने अन्य राज्यों से भी तमिलनाडु के साथ मिलकर NEET का विरोध करने की अपील की।

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