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Congress: कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन पांच अगस्त को, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

Sat, 30 Jul 2022 09:55 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में पार्टी के सांसद प्रदर्शन के मद्देनजर संसद से 'चलो राष्ट्रपति भवन' का आयोजन करेंगे।
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सोनिया गांधी (फाइल) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कांग्रेस मूल्य वृद्धि और बेरोजगारी पर पांच अगस्त को राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन करेगी। दिल्ली में पार्टी के सांसद प्रदर्शन के मद्देनजर संसद से 'चलो राष्ट्रपति भवन' का आयोजन करेंगे। उसी दिन 'पीएम हाउस घेराव' में CWC के सदस्य और वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे।

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सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के लोकसभा और राज्यसभा सांसद संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम भी किया जाएगा। कांग्रेस ने अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं से पूरे देश में ऐसे आयोजन करने को कहा है।

कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाइयों से कहा है कि पांच अगस्त को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से ‘राजभवन घेराव’ का आयोजन किया जाए। इसमें विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व सांसद और राज्य इकाई के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसके अलावा पंचायत से लेकर जिला स्तर तक कांग्रेस के जनप्रतिनिधि जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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कर्नाटक दौरे पर जाएंगे राहुल
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दो दिनों के लिए कर्नाटक का दौरा करेंगे। वे दो और तीन अगस्त को कर्नाटक में रहेंगे। वह हुबली जिले में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पूर्व सीएम सिद्धारमैया का जन्मदिन 3 अगस्त को है और दिन के लिए एक बड़े कार्यक्रम की योजना बनाई गई है।

शशि थरूर ने किया अधीर रंजन का बचाव
इस बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि संसद में प्रवेश करने से पहले अधीर ने कहा कि उन्होंने गलती की, उनकी जुबान फिसल गई और उनका कोई बुरा इरादा नहीं था, लेकिन उसे बोलने नहीं दिया गया। जब कोई प्रश्नकाल से पहले समय मांगता है, तो अध्यक्ष उन्हें बैठने के लिए कहते हैं और उन्हें शून्य काल के दौरान समय मिलेगा।

उन्होंने कहा कि जब स्मृति ईरानी ने बोलना शुरू किया, तो उन्हें किसी ने नहीं रोका। वह 10 मिनट तक बोलीं। उन्हें उस व्यक्ति को जवाब देने की अनुमति देनी चाहिए थी, जिसका नाम सामने आया था। जो हुआ उससे हम खुश नहीं हैं। अधीर ने दो बार जवाब देने की कोशिश की, लेकिन उसका माइक चालू नहीं हुआ। हम क्या कह सकते हैं? मुझे लगता है कि हमें मामले को जाने देना चाहिए। यह कोई मुद्दा नहीं है, इसमें भ्रष्टाचार या सरकार की लापरवाही से संबंधित कुछ भी नहीं है। एक आदमी, जिसकी हिंदी शायद मेरी जैसी है, उसने गलती की। उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया, चलो आगे बढ़ते हैं। देश में और भी गंभीर मुद्दे हैं।

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