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इराक मसले पर सत्तापक्ष को घेरेगा विपक्ष, विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की तैयारी

Sun, 23 Jul 2017 03:27 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो, नई दिल्ली
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sushma swaraj
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इराक में अगवा भारतीयों का मामला सियासी रंग लेने लगा है। कांग्रेस ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर इस मामले में देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए संसद में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। अगवा भारतीयों को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संसद में दिए गए बयान को कांग्रेस आधार बनाएगी।
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कांग्रेस का कहना है कि सरकार इस मामले में लगातार भ्रमित कर रही है। जबकि अगवा हुए 40 भारतीयों में बच कर पंजाब पहुंचे हरजीत का कहना है कि उसके सामने सभी को गोली मार दी गई थी। कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने इस मामले को बुधवार को राज्यसभा में शून्यकाल में भी उठाया था लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं मिला।

लिहाजा कांग्रेस विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है। बाजवा का कहना है कि सरकार ने 16 जुलाई को कहा था कि इन भारतीयों के इराक के बादुश जेल में होने की संभावना है। जिसके बाद विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह इराक के दौरे पर गए थे। वीके सिंह ने कहा था कि उन्हें यह जानकारी इराक के एनएसए ने दी थी। जबकि मीडिया से मिल रही खबरों में बादुश में कोई जेल नहीं बची है। आईएस ने बादुश की जेलों को ध्वस्त कर दिया है।
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बाजवा का कहना है कि भारतीय परिवारों की भावनाओं से खेलने के लिए विदेश मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं। तीन साल में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज नौ बार अगवा भारतीयों के परिवार वालों से मिल चुकी हैं।

उनका कहना है कि आतंकियों के चंगुल से बचकर भारत लौटे उन्हीं के गृह जिले गुरदासपुर के हरजीत लगातार कहते रहे हैं कि आतंकियों ने उसके सामने सभी लोगों को मार दिया था। बाजवा ने राज्यसभा में सरकार से मांग की थी ऐसी स्थिति में सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल इराक भेजना चाहिए था। सरकार को बार-बार बयान बदलने की बजाय सही स्थिति बताकर माफी मांगनी चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि संसद में विदेश मंत्री ने जो जानकारी दी, भ्रामक है। सरकार को चिंता होनी चाहिए कि चाहिए कि क्या वे जीवित हैं और कहां हैं। अगर वहां जेल नहीं हैं तो हमें यह देखना चाहिए कि क्या विदेश मंत्रालय ने जानकारी सत्यापित की है।
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