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Jairam Ramesh: कांग्रेस ने सरकार की चीन नीति पर साधा निशाना; ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को बताया विनाशकारी

Wed, 20 May 2026 11:52 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर चीन के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ‘4C’ नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार लगातार चीन के सामने झुक रही है। उन्होंने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को पर्यावरण के लिए विनाशकारी बताया है।
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जयराम रमेश, महासचिव, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस ने बुधवार को चीन के प्रति मोदी सरकार के रवैये पर तीखा हमला किया। पार्टी ने सरकार पर '4C' नीति का पालन करने का आरोप लगाया। जयराम रमेश के अनुसार, इसका अर्थ है चीन के सामने लगातार और योजनाबद्ध तरीके से समर्पण करना। उन्होंने ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
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जयराम रमेश ने क्या कहा?
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सरकार एक दुष्प्रचार अभियान चला रही है। जो लोग ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें चीन का समर्थक बताया जा रहा है। रमेश ने इसे सरकार का पाखंड करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 19 जून 2020 को चीन को क्लीन चिट दी थी। यह लद्दाख में शहीद हुए हमारे 20 जवानों का अपमान था।


कांग्रेस नेता ने कहा कि चीन के साथ बातचीत में भारत ने लद्दाख के कई इलाकों में गश्त करने और पशु चराने के पारंपरिक अधिकार खो दिए हैं। प्रधानमंत्री की निगरानी में ही 2025-26 में चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड 115 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे भारतीय उद्योगों और छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है।
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रमेश ने आरोप लगाया कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के समय पाकिस्तान की कार्रवाई में चीन की मुख्य भूमिका थी। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस साजिश का खुलासा किया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि भारत को चीन से मिलने वाली आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों का सामना करना ही होगा।

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर क्या बोले जयराम रमेश
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर रमेश ने कहा कि यह मुख्य रूप से एक व्यापारिक उद्यम है। इसमें बनने वाले बंदरगाह का सैन्य ढांचे से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इस प्रोजेक्ट को जबरदस्ती थोप रहे हैं। यह संभवतः 'मोदानी' व्यापारिक साम्राज्य का हिस्सा बनेगा। पूर्व पर्यावरण मंत्री ने चेतावनी दी कि इससे पर्यावरण और मानवता पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि आईएनएस बाज और अंडमान-निकोबार कमांड के विस्तार के सुझावों को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यह प्रोजेक्ट प्रकृति के लिए खतरनाक है। दूसरी तरफ, सरकार इसे देश की रणनीतिक क्षमता के लिए आवश्यक बता रही है।
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