कांग्रेस ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि वह लेबनान पर इस्राइल की सैन्य कार्रवाई और अमेरिका-ईरान समझौते को प्रभावित करने वाले घटनाक्रम पर पूरी तरह खामोश हैं।
रमेश ने बताया कि भारत को कैसे होगा लाभ?
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता क्षेत्र में युद्ध को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर यह समझौता सफल होता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल सकता है और वैश्विक तेल कीमतों पर दबाव कम होगा, जिसका भारत को सीधा लाभ मिलेगा।
इस्राइल-लेबनान संघर्ष और पीएम मोदी पर क्या बोले?
जयराम रमेश ने दावा किया कि इस्राइल की लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई इस समझौते के रास्ते में बड़ी बाधा बन रही है। उन्होंने कहा कि कई देशों ने लेबनान में इस्राइल के अभियान की आलोचना की है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन हैं। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या उनकी तथाकथित पितृभूमि उनके वास्तविक मातृभूमि से अधिक महत्वपूर्ण है।
क्या है पश्चिम एशिया के हालात?
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत कर बेरूत पर प्रस्तावित बड़े सैन्य हमले को रुकवाया। ट्रंप ने कहा कि उनकी अपील के बाद नेतन्याहू ने अपने सैनिकों को पीछे हटाने का फैसला किया।
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत काफी तनावपूर्ण रही। वहीं ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने हिजबुल्लाह प्रतिनिधियों से बात की, जिन्होंने इस्राइल और उसके सैनिकों पर हमले रोकने पर सहमति जताई। गौरतलब है कि इस्राइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव व अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।