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UNCTAD: भारत की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट का अनुमान, कांग्रेस ने केंद्र की नीतियों को ठहराया दोषी

Tue, 04 Oct 2022 09:07 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

संयुक्त राष्ट्र की एक शीर्ष एजेंसी ने सोमवार को उच्च वित्तपोषण लागत और कमजोर सार्वजनिक व्यय का हवाला देते हुए 2021 में 8.2 प्रतिशत से इस साल भारत की आर्थिक वृद्धि 5.7 प्रतिशत तक गिरने का अनुमान लगाया है। इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधा है। 
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कांग्रेस पार्टी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी 'UNCTAD' के भारत की आर्थिक दर को लेकर जताए गए पूर्वानुमान को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। भाजपा सरकार पर हमलावर हुई कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार अर्थव्यवस्था की स्थिति के लिए बार-बार वैश्विक आर्थिक संकट को जिम्मेदार बताती है। जबकि हकीकत यह है कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने अपनी नीतियों के चलते अर्थव्यवस्था के पहिये को जाम कर दिया है। 

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कांग्रेस प्रवक्ता अंशुल अविजित ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण ही देश की विकास दर गिर रही है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की एक शीर्ष एजेंसी ने सोमवार को उच्च वित्तपोषण लागत और कमजोर सार्वजनिक व्यय का हवाला देते हुए 2021 में 8.2 प्रतिशत से इस साल भारत की आर्थिक वृद्धि 5.7 प्रतिशत तक गिरने का अनुमान लगाया है। व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीटीएडी) व्यापार और विकास रिपोर्ट 2022 के पूर्वानुमान के अनुसार, भारत की जीडीपी 2023 में 4.7 प्रतिशत तक गिर जाएगी। भारत ने 2021 में 8.2 प्रतिशत के विस्तार का अनुभव किया, जो जी20 देश में सबसे मजबूत था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान कम हुआ, बढ़ती घरेलू मांग ने चालू खाते के अधिशेष को घाटे में बदल दिया और विकास दर में गिरावट आई।

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना कॉर्पोरेट निवेश में कारगर
यह देखा गया है कि सरकार द्वारा शुरू की गई उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना कॉर्पोरेट निवेश को प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन जीवाश्म ऊर्जा के लिए बढ़ते आयात बिल व्यापार घाटे को गहरा कर रहे हैं और विदेशी मुद्रा भंडार की आयात कवरेज क्षमता को कम कर रहे हैं। चूंकि आर्थिक गतिविधि उच्च वित्तपोषण लागत और कमजोर सार्वजनिक व्यय से बाधित होती है, इसलिए 2022 में जीडीपी विकास दर घटकर 5.7 प्रतिशत होने का अनुमान है। 
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कांग्रेस प्रवक्ता ने हाल ही में हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि साफ है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मायूसी का माहौल है। उन्होंने कहा कि बीते साल की जीडीपी दर में 50 फीसदी योगदान निर्यात का था। इस साल अगर ये कम होगा तो जीडीपी का आंकड़ा भी कम होगा। 

गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी अंकटाड ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक पूर्वानुमान जारी किया है। एजेंसी ने कहा है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर इस साल घटकर 5.7 प्रतिशत रहने की संभावना है। वहीं, साल 2021 में यह 8.2 प्रतिशत रही थी। 

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