सार
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने भाजपा पर चुनावों में धार्मिक राजनीति और दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए धर्म के नाम पर बहकाने की कोशिश करती है, लेकिन मुंबई के लोग सड़कें, ट्रैफिक, साफ पानी और प्रदूषण जैसे असली मुद्दों पर वोट करेंगे।
महाराष्ट्र में होने वाले नगर निगम चुनावों से पहले राजनीतिक पार्टियों के बीच हलचल तेज है। इसी बीच मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ ने शनिवार को भाजपा पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि मुंबई के लोग भाजपा की धार्मिक राजनीति और दोहरे मापदंड को आने वाले नगर निगम चुनाव में खारिज कर देंगे। उन्होंने कहा कि मतदाता धर्म के नाम पर नहीं, बल्कि शहर से जुड़े असली मुद्दों पर वोट देंगे। बता दें कि मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे और 16 जनवरी को मतगणना होगी।
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं, भाजपा धार्मिक राजनीति शुरू कर देती है। लेकिन मुंबई के लोग समझदार हैं और इस बार भी बहकावे में नहीं आएंगे। उन्होंने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के मुंबई अध्यक्ष अमीत साटम कहते हैं कि एनसीपी नेता नवाब मलिक स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन दूसरी ओर अजित पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे भाजपा नेताओं से बैठक करते हैं।
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भाजपा की कथनी और करनी में फर्क- कांग्रेस नेता
इस दौरान वर्षा गायकवाड़ ने आगे कहा कि नवाब मलिक की विधायक बेटी सना मलिक ने भाजपा सरकार के पक्ष में वोट दिया, जो भाजपा की कथनी और करनी में फर्क दिखाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा चुनाव के समय धार्मिक मुद्दे उठाती है, लेकिन मुंबई के लोग इस सच्चाई को समझते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार लोग सड़कें, ट्रैफिक जाम, साफ पानी, प्रदूषण और हवा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर वोट करेंगे।
अपनी ताकत पर लड़ेगी कांग्रेस- रमेश चेन्निथला
इसके साथ ही दूसरी ओर कांग्रेस के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने कहा कि कांग्रेस मुंबई नगर निगम चुनाव अपनी ताकत पर अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी आम मुंबईकरों की समस्याओं जैसे प्रदूषण, स्वास्थ्य सेवाएं और भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाएगी। चेन्निथला ने कहा कि उन्होंने महा विकास आघाड़ी के सहयोगी दलों से बात की है, लेकिन मुंबई कांग्रेस नेतृत्व ने तय किया है कि स्थानीय चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़े जाएंगे, ताकि मुंबई की धर्मनिरपेक्ष पहचान को बचाया जा सके।
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गठबंधन को लेकर बातचीत
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राउत ने गठबंधन को लेकर चेन्निथला से बात की थी, लेकिन उन्हें कांग्रेस का रुख बता दिया गया। सूत्रों ने यह भी कहा कि मुंबई कांग्रेस नेतृत्व नाराज है, क्योंकि पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस से बिना सलाह लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। गौरतलब है कि महाविकास आघाड़ी में कांग्रेस, शरद पवार की एनसीपी (एसपी) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) शामिल हैं।
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