फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांग्रेस ने लगाया आरोप, यह है भाजपा की डबल स्टैंडर्ड वाली सरकार

Wed, 05 Sep 2018 10:05 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर यह कहते हुए जबरदस्त हमला बोला है कि राफेल विमान सौदे के मामले में वह बार-बार अपने ही बनाये नियमों के खिलाफ जाकर समझौता कर रही थी। पार्टी ने सरकार पर अलग-अलग सौदों में अपनी सुविधा के हिसाब से अलग-अलग मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने रूस के साथ एके 103 असाल्ट राइफल का समझौता किया था। हाल ही में रूस ने सरकार से भारत की किसी एक ऐसी कंपनी के बारे में जानकारी मांगी जिसके माध्यम से इस डील को पूरा किया जाना था। 

विज्ञापन


सिंघवी के मुताबिक भारत सरकार और रक्षामंत्री ने रूस को इस सवाल के जवाब में लिखा है कि चूंकि यह खरीद एक सरकार से दूसरी सरकार के बीच में हो रही है। इसलिए रूस इसके बारे में भारत की किसी प्राइवेट कंपनी से समझौता नहीं कर सकता। वह इसकी डील भारतीय ऑर्डिनेंस फैक्ट्री या भारत सरकार की किसी सरकारी कंपनी से ही कर सकता है। अगर यह खरीद एक प्राइवेट कंपनी से दूसरी प्राइवेट कंपनी के बीच हो रही होती, तो वह ऐसा जरूर कर सकता था। 

कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक भारत सरकार इस मामले में सीधे तौर पर दोहरा रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि राफेल विमान सौदे के बारे में भी यही कहा गया था कि यह एक सरकार से दूसरी सरकार के बीच में किया गया समझौता है। ऐसे में फिर राफेल विमान समझौते में रिलायंस कंपनी को ठेका कैसे दे दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार एक चलते हुए खेल के बीच अपनी सुविधा के हिसाब से नियमों को बदल रही है। सरकार को लोगों को जवाब देना चाहिए कि राफेल समझौते में एक सरकार से दूसरी सरकार के बीच खरीद होने के बावजूद रिलायंस की कंपनी बीच में कैसे आ गई। 
विज्ञापन


वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के ठीक पहले राफेल विमान सौदे के रुप में कांग्रेस को एक बड़ा हथियार हाथ लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बार-बार यह कहकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं कि जिन विमानों को यूपीए सरकार 570 करोड़ रुपए में खरीद रही थी, उन्हीं विमानों को उन्हीं विशेषताओं के साथ मोदी सरकार ने लगभग 1600 करोड़ रुपये में कैसे खरीदा। राहुल का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने ऐसा अपने उद्योगपति साथियों को आर्थिक मदद देने के लिए किया। उनका आरोप है कि इस सौदे में हजारों करोड़ का घोटाला किया।     

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें