वेणुगोपाल ने एक बयान जारी कर कहा कि कृषि मंत्री ने संसद को गुमराह करने और देश को भटकाने की एक नई कोशिश की। सर्वविदित तथ्य है कि किसान संगठन सरकार से 11 दौर की बैठकें कर चुके हैं। इसके बाद ही केंद्र सरकार तीन कानूनों में 18 संशोधन करने की बात स्वीकार कर चुकी है। ऐसे में कृषि मंत्री का संसद में दिया गया वक्तव्य बेहद आपत्तिजनक और तथ्यों से परे है।
उन्होंने दावा किया कि बहुमत के घमंड में और अपने पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने के लिए इन कृषि कानूनों को लागू करने से पहले केंद्र सरकार ने ना तो विपक्षी दलों की सलाह ली, ना ही किसान संगठनों से कोई चर्चा की। कोरोना के मुश्किल समय में चोरी-छुपे इन कानूनों को किसानों पर थोप दिया, जिसका देश के सभी किसान संगठन विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी, किसान आंदोलन का पूर्ण रूप से समर्थन करती रही है। कांग्रेस पार्टी, केंद्र सरकार से एक बार फिर अनुरोध करती है कि वह अहंकार को त्यागे और किसानों की जायज मांगों को मानते हुए तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा करे।
वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी किसान संगठनों द्वारा 6 फरवरी, 2021 यानी शनिवार को राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक के तीन घंटे के घोषित देशव्यापी अहिंसक और शांतिपूर्ण चक्का जाम का समर्थन करेगी।