पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य आपात स्थिति में है और ऐेसे में केंद्र व अरविंद केजरीवाल सरकार दोनों को अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर और जांच की सुविधाएं बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर काम करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष दिल्ली की स्थिति पर दी गई याचिका का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भाजपा और आप ने मिलकर दिल्ली को कोविड के समय ‘कुशासन’ का एक उदाहरण बना दिया है।
सिंघवी ने कहा, ‘आज की स्थिति में अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं है। पर्याप्त स्तर पर कोविड जांच नहीं हो रही है। शवों के अंतिम संस्कार के लिए कतार लगी हुई है।’ उन्होंने कहा, 'हमारी मांग है कि अस्पतालों के 70 फीसदी बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित होने चाहिए क्योंकि दिल्ली सरकार खुद कह रही है कि इस महीने और जुलाई में मामले बहुत बढ़ने वाले हैं।’
सिंघवी के मुताबिक अगर हर 100 लोगों में से जांच में औसतन 27 के संक्रमित होने की पुष्टि हो रही है तो आप जांच कम कैसे कर सकते हैं? अगर मामले बढ़ रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप जांच सीमित करके स्थिति को झुठला देंगे। कई लैब को धमकी दी गई कि ज्यादा जांच नहीं की जाए।
उन्होंने कहा, ‘अगर लोगों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए कतार लगानी पड़ेगी तो यह दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। हमारी मांग है कि अंतिम संस्कार के लिए अतिरिक्त जगह एवं सुविधाएं बढ़ाई जाए।’ उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बजाय इस वक्त स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
गौरतलब है कि बुधवार को दिल्ली में कोविड-19 के 1501 नए मरीज सामने आने के साथ ही यहां इस महामारी के मामले बढ़कर 32000 हो गए। यहां अब तक 984 लोग इस संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं।