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Politics: 'BJP सभी भाषाओं के पक्ष में’ वाले बयान पर कांग्रेस ने शाह को घेरा, कहा- आंकड़े तो कुछ और बयां कर रहे

Fri, 05 May 2023 12:04 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमित शाह ने हाल ही में एक अखबार को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार दक्षिणी राज्य में हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है वाले आरोप को खारिज किया था।
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अमित शाह पर जयराम रमेश ने साधा निशाना। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कांग्रेस ने शुक्रवार को गृह मंत्री अमित शाह की कथित टिप्पणी पर निशाना साधा कि भाजपा सभी भाषाओं के प्रचार के लिए खड़ी है। उन्होंने आंकड़ों को पेश करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए छह सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए, जबकि कन्नड़ के लिए सिर्फ तीन करोड़ रुपये खर्च किए। 

हिंदी थोपने की कोशिश वाले बयान पर बोले थे शाह

गौरतलब है, हाल ही में अमित शाह ने एक अखबार को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने भाजपा और केंद्र सरकार दक्षिणी राज्य में हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है वाले आरोप को खारिज किया था। शाह ने साक्षात्कार में कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने संविधान की आठवीं अनुसूची में सभी भाषाओं में विभिन्न भर्ती परीक्षा आयोजित करने के लिए व्यवस्था की थी। भाजपा भारतीय भाषाओं के प्रचार के लिए खड़ी है। 

आंकड़ों पर ध्यान दें

अब इसी बयान को लेकर कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने हमला किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि गृहमंत्री ने एक इंटरव्यू  में दावा किया है कि भाजपा सभी भाषाओं के 'प्रचार' के पक्ष में है। जबकि आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं। आप देख सकते हैं मोदी सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए 640 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। वहीं, देश की छह शास्त्रीय भाषाओं में से एक कन्नड़ को बढ़ावा देने के लिए सिर्फ 3 करोड़ रुपये दिए गए।

भाजपा पर सवालों की बौछार

रमेश ने भाजपा पर सवालों की बौछार की। उन्होंने पूछा कि क्या इसलिए ही महान कुवेम्पु (जिन्होंने राज्य गान लिखा था) का अपमान करने वाले व्यक्ति को कर्नाटक में पाठ्य पुस्तक संशोधन समिति का अध्यक्ष बनाया गया था? उन्होंने आगे पूछा कि क्या इसीलिए वन संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 के साथ कानूनों के अंग्रेजी नामों को खत्म करने और उन्हें हिंदी नामों से बदलने की परंपरा शुरू हो गई है?

रमेश ने कहा कि मैं आगे और भी बहुत कुछ बता सकता हूं। लेकिन आप एक ऐसे व्यक्ति के लिए काम करते हैं, जिसका आदर्श वाक्य असत्यमेव जयते रहा है।

 

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