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लद्दाख की घटना अस्वीकार्य, पार्टियों और देश को विश्वास में ले सरकार: कांग्रेस

Tue, 16 Jun 2020 06:35 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस ने मंगलवार को लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक टकराव में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो जवानों के शहीद होने की घटना को 'अस्वीकार्य' करार दिया।  
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कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा, 'यह गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय है क्योंकि इसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। सरकार को तत्काल देश को विश्वास में लेना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'संसदीय लोकतंत्र में सरकार से उम्मीद की जाती है कि वह राजनीतिक दलों को जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी दे।'

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कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, 'चीनी सेना की ओर से लद्दाख में तीन स्थानों पर की गई घुसपैठ की खबरों ने पूरे देश में गंभीर चिंता और व्यग्रता पैदा कर दी, लेकिन सीमा पर घुसपैठ के तथाकथित चीनी दुस्साहस पर मोदी सरकार ने मौन साध लिया है।'

'भारत की सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं'

सुरजेवाला ने कहा, 'भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पिछले पांच दशकों में, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एक भी दुर्घटना या भारत-चीन सीमा पर हमारे सैनिक शहीद नहीं हुए थे। चीनी सेना के हाथों भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो सैनिकों की शहादत पूरी तरह से अप्रत्याशित और अस्वीकार्य है।'

उनके मुताबिक, 'भारतीय सेना द्वारा मंगलवार दोपहर 12 बज कर 52 मिनट पर जारी एक बयान में हमारे अफसर और सैनिकों के वीरगति को प्राप्त होने की पुष्टि की गई है और बाद में एक बज कर करीब आठ मिनट पर यह बयान संशोधित कर दिया गया। हमारे कुछ जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें भी आ रही हैं।' 

मौन क्यों है प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री : सुरजेवाला

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, 'क्या यह सच है कि चीनी सेना ने गलवां घाटी में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो सैनिकों को मार डाला है? क्या यह सही है कि अन्य भारतीय सैनिक भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं? यदि हां, तो प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?'

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उन्होंने पूछा, 'क्या प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री इस बात पर राष्ट्र को विश्वास में लेंगे कि हमारे अधिकारी और सैनिक ऐसे समय में कैसे शहीद हो सकते हैं जबकि चीनी सेना गलवां घाटी के हमारे क्षेत्र से कब्जा छोड़ कथित तौर पर वापस जा रही थी? केंद्र सरकार बताए कि हमारे उच्च सेना अधिकारी और सैनिक कैसे और किन परिस्थितियों में शहीद हुए?'

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