पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा, 'यह गंभीर राष्ट्रीय चिंता का विषय है क्योंकि इसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। सरकार को तत्काल देश को विश्वास में लेना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'संसदीय लोकतंत्र में सरकार से उम्मीद की जाती है कि वह राजनीतिक दलों को जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी दे।'
सुरजेवाला ने कहा, 'भारत की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। पिछले पांच दशकों में, वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एक भी दुर्घटना या भारत-चीन सीमा पर हमारे सैनिक शहीद नहीं हुए थे। चीनी सेना के हाथों भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो सैनिकों की शहादत पूरी तरह से अप्रत्याशित और अस्वीकार्य है।'
उनके मुताबिक, 'भारतीय सेना द्वारा मंगलवार दोपहर 12 बज कर 52 मिनट पर जारी एक बयान में हमारे अफसर और सैनिकों के वीरगति को प्राप्त होने की पुष्टि की गई है और बाद में एक बज कर करीब आठ मिनट पर यह बयान संशोधित कर दिया गया। हमारे कुछ जवानों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें भी आ रही हैं।'
कांग्रेस नेता ने सवाल किया, 'क्या यह सच है कि चीनी सेना ने गलवां घाटी में भारतीय सेना के एक अधिकारी और दो सैनिकों को मार डाला है? क्या यह सही है कि अन्य भारतीय सैनिक भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं? यदि हां, तो प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?'