कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से देश के नागरिकों के कॉल रिकॉर्ड मांगे हैं जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन और निजता के अधिकार पर हमला है।
पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यह सवाल किया कि आखिर किस कानून के तहत सरकार ने यह कदम उठाया है? उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है। यह सरकार उस फैसले का लगातार उल्लंघन कर रही है।
तिवारी ने मीडिया में आई कुछ खबरों का हवाला देते हुए कहा कि आज जो खबरें सामने आई हैं उनसे यह साफ होता है कि एक षड़यंत्र को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। सरकार ने सारे नागरिकों के कुछ चुनिंदा दिनों के कॉल रिकॉर्ड मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से मांगे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि हम सरकार से यह पूछना चाहते हैं कि इसका औचित्य क्या है? कांग्रेस ने दावा किया कि 2013 में संप्रग सरकार ने संबंधित कानून को चुस्त-दुरुस्त किया था। भाजपा सरकार सारे नियमों का उल्लंघन करते हुए नागरिकों के अधिकारों पर हमले कर रही है।
उन्होंने कहा कि जो खुलासा हुआ है वह बहुत ही संवेदनशील विषय है। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि किस कानून के तहत सारे नागरिकों के कॉल रिकॉर्ड मांग सकती है? तिवारी ने लोकसभा में भी यह मामला उठाया।