टू जी स्पेक्ट्रम और लाइसेंस आवंटन में कोई घोटाला नहीं हुआ था। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा और राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह पूर्व सीएजी विनोद राय और भाजपा के नेताओं द्वारा रचा गया षड्यंत्र था। आनंद शर्मा का कहना है कि सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दिए गए निर्णय से सबकुछ दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। इतना ही नहीं इसी के साथ विनोद राय और भाजपा का षड्यंत्र भी बेनकाब हो गया है।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, वित्तमंत्री अरुण जेटली, भाजपा और पूर्व सीएजी विनोद राय पर यही आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि इसके लिए प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, भाजपा के नेताओं तथा विनोद राय को राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए। आनंद शर्मा ने वित्तमंत्री जेटली के उच्चतम न्यायालय द्वारा घोटाला कहने के तर्क को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री एक बड़े वकील हैं और उन्हें पता होना चाहिए कि इस मामले में उच्चतम न्यायालय ट्रायल कोर्ट नहीं थी। उसने सीबीआई की विशेष अदालत को इस मामले के ट्रायल के लिए सौंपा था।
विनोद राय को मिली रेवड़ी
आनंद शर्मा ने कहा कि विनोद राय द्वारा रचे गए षड्यंत्र के कारण ही जिस दल ने इसका सबसे अधिक लाभ उठाया उसने उन्हें रेवड़ी दी है। ट्राई के चेयरमैन रहे नृपेन्द्र मिश्र को अपना प्रधान सचिव बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आध्यादेश लाकर इस परंपरा को तोड़ दिया था।
दोनों ही अफसर इसका लाभ ले रहे हैं। वहीं भाजपा सत्ता में आने का लाभ ले रही है। जबकि टू जी लाइसेंस और स्पेक्ट्रम आवंटन प्रक्रिया में सबसे अधिक निवेश आया था। देश में दूरसंचार तेज गति से आगे बढ़ा और लोगों को सस्ती टेलीफोन सुविधा मिलने का रास्ता साफ हुआ। इससे अर्थव्यवस्था को भी फायदा हुआ।