कांग्रेस पार्टी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और संसद के आगामी सत्र की तिथि की घोषणा को लेकर कई सवाल उठाए हैं। पार्टी नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर डाली एक पोस्ट में लिखा है, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान की वायुसेना में चीन की खतरनाक घुसपैठ के स्पष्ट प्रमाण, इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। इसके लिए संसद की एक तत्काल बैठक बुलाई जाए। कांग्रेस नेता संसद सत्र की तिथि को लेकर भी सवाल उठाया है।
जयराम रमेश ने लिखा, आमतौर पर संसद सत्र की तारीखों की घोषणा कुछ दिन पहले की जाती है, लेकिन इस बार सत्र शुरू होने से 47 दिन पहले ही तारीखों का एलान कर दिया गया, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यह निर्णय मोदी सरकार ने केवल इसलिए लिया है ताकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और इंडिया गठबंधन द्वारा बार-बार उठाई जा रही तत्काल विशेष बैठक की मांग से बचा जा सके।
जयराम रमेश के मुताबिक, कांग्रेस सहित इंडिया ब्लॉक के विभिन्न दलों ने संसद की एक तत्काल बैठक बुलाकर राष्ट्रीय महत्व के गंभीर मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता जताई है।
ये हैं वे महत्वपूर्ण मुद्दे, जिन पर चर्चा है जरुरी ...
▪️पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेवार आतंकवादियों को अब तक न्याय के कटघरे में लाने में विफलता।
▪️ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव और उसके बाद उत्पन्न हालात।
▪️ऑपरेशन सिंदूर का स्पष्ट राजनीतिकरण।
▪️सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) द्वारा किए गए अहम खुलासे।
▪️भारत को पाकिस्तान के साथ एक ही श्रेणी में रखे जाने की गंभीर और चिंताजनक कूटनीतिक स्थिति।
▪️पाकिस्तान की वायुसेना में चीन की गहरी और खतरनाक घुसपैठ के स्पष्ट प्रमाण।
▪️राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता को लेकर बार-बार किए जा रहे दावे।
▪️विदेश नीति और कूटनीतिक स्तर पर सरकार की लगातार होती विफलताएं।
जयराम रमेश ने कहा, मानसून सत्र के दौरान भी ये तमाम मुद्दे, जो राष्ट्रहित में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, चर्चा के केंद्र में रहेंगे। प्रधानमंत्री ने भले ही विशेष सत्र से खुद को अलग रखा हो, लेकिन छह सप्ताह बाद उन्हें इन कठिन सवालों का जवाब देना ही होगा।