जयराम रमेश ने भी पीएम मोदी पर साधा निशाना
इस दौरान कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित कर जीएसटी काउंसिल द्वारा किए गए संशोधनों का श्रेय खुद ले लिया, जबकि यह एक संवैधानिक संस्था का निर्णय था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2017 से ही जीएसटी 2.0 की मांग कर रही है और इसे 2024 के चुनावी वादे (न्याय पत्र) में भी शामिल किया था। रमेश ने बताया कि मौजू जीएसटी प्रणाली में कई समस्याएं हैं, जैसे कि टैक्स की जटिल दरें, आम जनता की चीजों पर ज्यादा टैक्स, कारोबारियों पर भारी अनुपालन बोझ और उल्टा शुल्क ढांचा शामिल है।
इसके साथ ही जयराम रमेश ने पूछा कि आठ साल की देरी से लाए गए ये सुधार क्या सच में निजी निवेश और जीडीपी वृद्धि को बढ़ाएंगे? उन्होंने ये भी जोड़ा कि चीन के साथ व्यापार घाटा ₹100 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया है, और भारतीय व्यापारी डर और मनमानी के चलते विदेश जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें:- पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: GST सुधार और बचत उत्सव पर 10 अहम बातें, ग्राफिक्स के माध्यम से समझिए
लघु व मध्यम उद्योग की समस्याओं पर कांग्रेस का जोर
इसके साथ ही कांग्रेस का कहना है कि लघु व मध्यम उद्योग की समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। राज्यों को मिलने वाले जीएसटी मुआवजे को पांच साल बढ़ाने की मांग अब भी अनसुनी है, जो संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है। रमेश ने कहा कि पर्यटन, कपड़ा, कृषि, निर्यात और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों की समस्याएं भी बाकी हैं। इसके अलावा, बिजली, पेट्रोलियम, शराब और रियल एस्टेट को भी राज्य स्तर के जीएसटी में लाने का सुझाव दिया गया है।
पीएम मोदी ने जीएसटी को बताया बचत उत्सव
बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा कि नवरात्रि के पहले दिन 22 सितंबर से जीएसटी बचत उत्सव शुरू होगा। इससे लोगों को राहत मिलेगी और यह आसान कारोबार और निवेश आकर्षण को बढ़ावा देगा। उन्होंने इसे इनकम टैक्स छूट के साथ डबल बोनस बताया।