कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
कांग्रेस में नए बनाम पुराने नेताओं की जंग सोशल मीडिया पर आ जाने के बाद पार्टी ने इसे थामने की कोशिश की है। रविवार को पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और सभी को यहां अपने विचार रखने की आज़ादी है, लेकिन इसके लिए सोशल मीडिया की बजाय पार्टी के उचित मंच का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस समय देश एक बड़ी त्रासदी को झेल रहा हो और केंद्र सरकार लोगों को विकल्प दे पाने में नकाल साबित हो रही हो, पार्टी नेताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे सभी एकजुट होकर देश की जनता को एक विकल्प देने के लिए काम करें।
पार्टी के ही कुछ नेताओं के द्वारा मनमोहन सिंह सरकार पर तंज कसने पर उन्होंने कहा कि यह यूपीए शासन काल ही रहा था जिसमें देश को एक अच्छी आर्थिक मजबूती दी गई। इसी शासनकाल में करोड़ों गरीब परिवारों को आर्थिक गरीबी के दुष्चक्र से बचाया गया था। हर वर्ग के व्यापार फल-फूल रहे थे और युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा था। लेकिन आज का हताश युवा इस बात का प्रमाण है कि आज किसी एक भी क्षेत्र में विकास नहीं हो रहा है।
उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार पर पूरी साजिश के तहत आरोप लगाए गये थे। इसके लिए झूठ के आधार पर एक आन्दोलन खड़ा किया गया और सीएजी की फर्जी रिपोर्ट के आधार पर माहौल बनाया गया। आज सरकार बदलने के छ: साल बाद यह साबित हो गया है कि उस सरकार में न तो किसी प्रकार का घोटाला किया गया था और न ही प्रशासन में किसी तरह की खामी पाई गई। उलटे जिन लोगों ने साजिश कर आन्दोलन खड़ा किया था, वे सभी आज उपकृत किए जा रहे हैं और उन्हें बड़ी-बड़ी पोस्ट ईनाम के तौर पर दी जा रही है।
पार्टी का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है जब पार्टी के पुराने दिग्गज नेता कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा और गुलाम नबी आज़ाद कथित तौर पर राहुल की टीम और उनकी कार्यशैली से नाराज बताये जा रहे हैं तो मनीष तिवारी जैसे नेताओं ने सोशल मीडिया पर कुछ नेताओं को खूब लताड़ा है।