पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी नेताओं की बयानबाजी से दर्द उभकर सामने आ रहे हैं। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राजबब्बर ने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि कि हम उम्मीद के मुताबिक नहीं कर पाए। मुझे जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन मैं इसे पूरा नहीं कर सका। मैं ये स्वीकार करता हूं।
Raj Babbar offers to resign from the post of Uttar Pradesh Congress Committee (UPCC) president.
— ANI (@ANI_news) March 15, 2017
वहीं गोवा और मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद पार्टी जहां सरकार नहीं बना पाई, वहीं यूपी और उत्तराखंड में हार के लिए पार्टी नेता एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं। गोवा कांग्रेस के विधायक विश्वजीत राणे ने तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी है। राणे का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि राहुल गांधी उनकी बातों का जवाब देंगे। साथ ही ये भी कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो वो और कुछ अन्य नेता सोचेंगे कि पार्टी में रहना ठीक होगा या नहीं ? इससे पहले भी राणे ने नेतृत्व पर सवाल उठाए थे।
राणे के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा कि ये पार्टी का आंतरिक मामला है। पार्टी इसको देख रही है।
वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा है कि पार्टी में वे लोग लाए जाएं, जो जमीन से जुड़ी राजनीति करना जानते हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दशा और दिशा बदलने की जरूरत है। पराजय को बहुत बड़ी चीज नहीं मानता, उसके बाद वापसी कर सकते हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी में बदलाव पर कहा कि सुनते तो आ रहे हैं कि बदलाव होगा, अभी तक तो हुआ नहीं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अब होगा तो देर आए दुरुस्त आए जैसा होगा।