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यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से राज बब्बर ने की इस्तीफे की पेशकश

Wed, 15 Mar 2017 05:24 PM IST
amarujala.com- Written by : अजय कुमार सिंह
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- फोटो : self
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पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी नेताओं की बयानबाजी से दर्द उभकर सामने आ रहे हैं। यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राजबब्बर ने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि कि हम उम्मीद के मुताबिक नहीं कर पाए। मुझे जिम्मेदारी दी गई थी लेकिन मैं इसे पूरा नहीं कर सका। मैं ये स्वीकार करता हूं। 
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  Raj Babbar offers to resign from the post of Uttar Pradesh Congress Committee (UPCC) president. — ANI (@ANI_news) March 15, 2017
वहीं गोवा और मणिपुर में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद पार्टी जहां सरकार नहीं बना पाई, वहीं यूपी और उत्तराखंड में हार के लिए पार्टी नेता एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं। गोवा कांग्रेस के विधायक विश्वजीत राणे ने तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी है। राणे का कहना है कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि राहुल गांधी उनकी बातों का जवाब देंगे। साथ ही ये भी कहा कि अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो वो और कुछ अन्य नेता सोचेंगे कि पार्टी में रहना ठीक होगा या नहीं ? इससे पहले भी राणे ने नेतृत्व पर सवाल उठाए थे।

राणे के सवाल पर राजीव शुक्ला ने कहा कि ये पार्टी का आंतरिक मामला है। पार्टी इसको देख रही है।

वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा है कि पार्टी में वे लोग लाए जाएं, जो जमीन से जुड़ी राजनीति करना जानते हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दशा और दिशा बदलने की जरूरत है। पराजय को बहुत बड़ी चीज नहीं मानता, उसके बाद वापसी कर सकते हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि पार्टी में बदलाव पर कहा कि  सुनते तो आ रहे हैं कि बदलाव होगा, अभी तक तो हुआ नहीं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि अब होगा तो देर आए दुरुस्त आए जैसा होगा।
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इन लोगों पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

- फोटो : ANI
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को स्पष्ट तौर पर कहा था कि पार्टी में जल्द ही संगठनात्मक और ढांचागत परिवर्तन किए जाएंगे और ये जरूरत है। ओडिशा में पंचायत चुनाव की हार के बाद महासचिव बीके हरिप्रसाद के इस्तीफे से चुनाव हारे राज्यों के प्रभारियों पर भी दबाव बढ़ने लगा है।

पार्टी में दस जनपथ के करीबी जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी के इस बयान कि सर्जरी का समय गुजर चुका है ने आग में घी का काम किया है।

कांग्रेस के हाथ में आए गोवा और मणिपुर राज्य देखते-देखते भाजपा के पास चले गए। कांग्रेस में भाजपा नेताओं के बयान कि कांग्रेस ने देर की और दावा पेश नहीं किया को गंभीरता से लिया गया है। पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से मिलकर गोवा और मणिपुर में पार्टी नेताओं की सक्रियता पर सवाल उठाए हैं।

लिहाजा गोवा के प्रभारी एवं महासचिव दिग्विजय सिंह और मणिपुर के प्रभारी महासचिव सीपी. जोशी पर सवाल उठ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने भी स्वीकार किया कि सवाल ये नहीं कि हमने जल्दी दावा क्यों नहीं किया। उन्होंने ये बात, भाजपा की ओर से धनबल से बहुमत हासिल करने की बात पर कही।
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