कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी से कई सवाल पूछे हैं। देशद्रोही और राष्ट्र विरोधी कौन है, हमारी सेना का विरोधी कौन है, हमारी सेना को निरुत्साहित कौन करता है और पाकिस्तान परस्त कौन है। हालांकि रणदीप ने कहा, इसके कुछ सबूत व साक्ष्य सार्वजनिक पटल पर अब उपलब्ध हैं।
जम्मू-कश्मीर में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने तालियां बजा-बजा कर कहा था कि उन्होंने 70 साल में पहली बार जम्मू-कश्मीर के आर्मी कमांडर से सार्वजनिक तौर से माफी मंगवाई, सेना के जवानों को गिरफ्तार करवाया और सेना के जवानों को जेल भिजवाया। इसी प्रकार से 27 फरवरी, 2014 को मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की एक बैठक में ये कहा कि जो धंधा या व्यापार करते हैं, वो ज्यादा रिस्क लेते हैं और सैनिक का रिस्क बहुत कम हैं।
अप्रैल, 2018 में भाजपा की सरकार ने 27 साल बाद मेघालय से ‘आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट’ को खत्म कर दिया। इसी प्रकार से 2015 में मोदी सरकार बनने के बाद त्रिपुरा से ‘आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पॉवर एक्ट’ को 18 साल बाद बिल्कुल हटा दिया। अब समय आ गया है कि ये दोनों शिष्य अपने गुरु लालकृष्ण आडवाणी की एंटी नेशनल की परिभाषा पर पुनः गौर करेंगे। वे अपने अंदर झांक कर देखें कि वास्तव में राष्ट्र को कमजोर करने का काम किसने किया है। जवाब आपको खुद-ब-खुद मिल जाएगा, क्योंकि ये साक्ष्य और तथ्य आपके साथ, आपके पास उजागर हैं।