साल 1998 से अब तक पूरे चौबीस साल के बाद स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाली कांग्रेस पार्टी को अब गैर गांधी अध्यक्ष मिलने जा रहा है। अध्यक्ष पद पर होने जा रहे चुनाव के लिए उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भी भर दिए हैं। वहीं, इस चुनाव के लिए पार्टी ने सोमवार को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने साफ किया है कि पार्टी के पदाधिकारी उम्मीदवारों के लिए प्रचार नहीं करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव से पहले कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने उम्मीदवारों के समर्थन और प्रचार-प्रसार को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। इसमें यह भी कहा गया है कि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर अपनी व्यक्तिगत हैसियत से ये कर रहे हैं। कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने साफ किया कि कांग्रेस महासचिव या प्रभारी, सचिव, संयुक्त सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता, फ्रंटल संगठनों के प्रमुख, विभागों के प्रमुख, प्रकोष्ठ और सभी आधिकारिक प्रवक्ता चुनाव लडने वाले किसी भी उम्मीदवार के लिए या उसके खिलाफ प्रचार नहीं करेंगे। अगर वे किसी उम्मीदवार का समर्थन करना चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपने संगठनात्मक पद से इस्तीफा देना होगा, उसके बाद वे प्रचार प्रक्रिया में भाग लेंगे।
कांग्रेस द्वारा पहले ही घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मतदान 17 अक्टूबर को होगा। वहीं मतों की गिनती 19 अक्टूबर को होगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में 9,000 से अधिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के प्रतिनिधि मतदान करेंगे। कांग्रेस के नए दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि चुनाव लड़ने वाले जो उम्मीदवार पीसीसी प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित करना चाहते हैं, उनके लिए पीसीसी अध्यक्ष बैठक हॉल, कुर्सियों और अन्य सार्वजनिक घोषणा उपकरणों की व्यवस्था करेंगे।
साथ ही यह भी कहा गया है कि पीसीसी अध्यक्ष द्वारा अपनी व्यक्तिगत क्षमता में ऐसी कोई बैठक नहीं बुलाई जा सकती है। बैठक आयोजित करना प्रस्तावक या चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के समर्थकों का काम है। वहीं, चुनाव के दौरान कोई भी उम्मीदवार मतदाताओं को लाने के लिए वाहनों का उपयोग नहीं करेगा। पार्टी ने यह चेतावनी भी दी है कि इन दिशा-निर्देशों के उल्लंघन करने पर उम्मीदवारों का चुनाव अमान्य करार दिया जाएगा। इतना ही नहीं उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। पार्टी ने कहा है कि किसी भी कीमत पर चुनाव प्रक्रिया की संवेदनशीलता को बरकरार रखा जाना चाहिए।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदार शशि थरूर ने संगठन के इन दिशा-निर्देशों का स्वागत किया है। उन्होंने इसे लेकर एक ट्वीट भी किया है।