सुष्मिता ने कहा है कि क्या इससे कोई इनकार कर सकता है कि हरियाणा भारत का ‘रेप कैपिटल’ बन चुका है? वहां अपहरण के मामले बहुत बढ़ गए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री के पास इसका कोई जवाब नहीं है। कहा कि विमर्श के स्तर को नीचे ले जाना बेरोजगारी और गंभीर आर्थिक मंदी जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
इधर, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि आपकी भद्दी टिप्पणी से आपकी मानसिकता और नागरिकता का पता चलता है। महिलाओं के प्रति आपकी सोच दिखाता है। इस मानसिकता के साथ आप सीएम थे, तो कोई आश्चर्य नहीं कि प्रदेश में महिला सुरक्षा के इतने बुरे हालात हैं।
सीएम खट्टर के बयान पर महाराष्ट्र हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन राउत ने भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि हरियाणा के सीएम खट्टर नहीं बल्कि .... हैं। उनको अगर इस प्रकार का बयान अगर देना है तो उन्हें ऐसा बयान मोदीजी के बारे में देना चाहिए। क्योंकि मोदीजी के बारे में लोग समझ रहे हैं कि वे आर्थिक उन्नति करेंगे, देश का विकास करेंगे। देश संपन्न होगा, देश में बहुत रोजगार आएगा, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं है।
तो ऐसे में खोदा पहाड़ निकला चूहा तो मोदीजी के लिए परफेक्ट बैठता है। तो इसलिए .... साहब को मेरा कहना है कि आप मोदीजी के लिए बोलिए न ये बयान, हम स्वागत करेंगे आपका। महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय निरूपम ने भी खट्टर के बयान की निंदा की और उनसे माफी की मांग की।
चुनावी जनसभा में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने सोनिया गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। कथित तौर पर उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल (राहुल गांधी) ने पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ दिया और कहा कि नया कांग्रेस अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा। हमने इस निर्णय का स्वागत किया था कि वंशवाद की राजनीति को खत्म करने के लिए यह अच्छा फैसला है। ... फिर, इन लोगों ने देशभर में तलाश शुरू की... तीन महीने के बाद, उन्होंने सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बना दिया। यह तो ऐसा हुआ, जैसे ''खोदा पहाड़, निकली चुहिया, वह भी मरी हुई।''
सीएम खट्टर के इसी बयान के बाद सियासत गरमा गई और एक के बाद एक कर के कांग्रेस के नेता उनपर हमलावर होते चले गए।