राजद और आरजेडी के बीच की लड़ाई अब आर-पार के मोड पर पहुंच गई। जेड़ीयू के नेता अजय आलोक ने कहा कि हमें रत्ती भर भी सत्ता का लालच नहीं है। उन्होंने कहा कि 5 मिनट नहीं लगेगा सत्ता छोड़ने में लेकिन वे सिद्धांतों से समझौता नहीं कर सकते।
Satta ka lalach humein ratti bhar nahi hai. 5min nahi lagega satta chhodne mein, lekin siddhanto se samjhauta nahi kar sakte: Ajay Alok, JDU pic.twitter.com/2TqnQBDKhx
— ANI (@ANI_news) July 14, 2017
वहीं दूसरी ओर सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महागठबंधन में चल रहे विवाद को लेकर राजद प्रमुख लालू यादव से बात की है। सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी के हस्तक्षेप करने के बाद लालू यादव नरम पड़ गए हैं।
मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव इस्तीफा दे सकते हैं। मीडिया खबरों के मुताबिक, तेजस्वी ही नहीं बल्कि आरजेडी के 12 अन्य मंत्री भी उनके साथ इस्तीफा दे सकते हैं। हर हाल में लालू यादव, नीतीश कुमार को बीजेपी के साथ नहीं देना चाहते हैं।
इसलिए उनकी रणनीति है कि नीतीश सरकार को आरजेडी बाहर से समर्थन करती रहेगी। इस दांव से लालू जहां अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब हो सकते हैं, वहीं नीतीश कुमार पर भी एक दबाव बना सकते हैं।
बताया गया कि सोनिया गांधी ने लालू यादव से बात करने से दो दिन पहले सीएम नीतीश कुमार से भी बात की। वहीं नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से बात की। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गोपाल गांधी को विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुने जाने में सहयोग के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार प्रकट किया।
मालूम हो कि जदयू ने तेजस्वी यादव के मामले में आरजेडी को चार दिन का समय दिया था। लगातार यह सवाल उठ रहे थे कि क्या तेजस्वी यादव इस्तीफा देंगे। कांग्रेस, लालू की पार्टी आरजेडी और जेडीयू के बीच जारी गतिरोध का जल्द से जल्द पटाक्षेप चाहती है। चूंकि नीतीश कुमार की पार्टी ने साफ कर दिया था कि जिनको आरोपी बनाया गया है, उम्मीद करते हैं कि वे तथ्यों के साथ जनता के समक्ष अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।
जदयू नेता रमई राम ने कहा था कि किसी भी फैसले के लिए बैठक में नीतीश कुमार को अधिकृत कर दिया गया है। सुशील मोदी ने कहा था कि लालू के पास अब केवल एक विकल्प है कि वो तेजस्वी से इस्तीफा दिला कर सरकार बचा लें।