रॉफेल लड़ाकू विमान की खरीद को लेकर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के देशहित में गोपनीयता संबंधी बयान के बाद भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मामले में सरकार से जवाब चाहते हैं। रॉफेल पर राहुल ने कहा कि कुछ न कुछ गड़बड़ी तो हुई है। दाल में काला है। लिहाजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को डील से संबंधित पूछे गए तीन मूलभूत सवालों को जवाब देना चाहिए।
राहुल ने बृहस्पतिवार को संसद परिसर में कहा रक्षा मंत्री अब कहती हैं कि सीक्रेट है नहीं बता सकती हैं लेकिन पहले कुछ और बात कहती थीं दोनों बयान उन्हीं के हैं। हमने पीएम से तीन सवाल पूछे हैं जवाब नहीं आए हैं। आपने विमान का क्या दाम दिया है। क्या कैबिनेट की रक्षा कमेटी से इस संबंध में पूछा गया था। सरकारी उपक्रम एचएएल से छीनकर इसे एक बिजनेस मैन को किस आधार पर दिया गया है। मोदी जी जवाब नहीं दे रहे हैं। प्रधानमंत्री जी इतने लंबे भाषण में मूलभूत सवालों का जवाब नहीं दे सकते थे।
बताते चलें कि सरकार ने 58 हजार करोड़ के 36 राफेल जेट के सौदे के संबंध में विपक्ष के आरोपों को ‘निराधार’ बताया। सरकार ने कहा कि इस संबंध में विवरण के खुलासे की मांग अव्यावहारिक है और ऐसा करना राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के बराबर होगा। सरकार की तरफ से कहा गया है कि राफेल सौदे के मूल्य और ब्योरे को सार्वजनिक किए जाने की मांग की जा रही है जो मुमकिन नहीं है।
गोपनीयता की शर्तों के मुताबिक, यूपीए सरकार ने भी कई रक्षा सौदों का ब्योरा सार्वजनिक करने में असहमति जताई थी। संसद में पूछे गए सवालों पर भी यही रुख अपनाया था। सरकार ने कहा है कि राफेल विमान की मोटे तौर की लागत की जानकारी संसद को दी जा चुकी है। आइटम के लिहाज से लागत और अन्य सूचनाएं बताने पर वे सूचनाएं भी आम हो जाएंगी, जिनके तहत इन विमानों का कस्टमाइजेशन और वेपन सिस्टम से लैस किया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार (7 फरवरी) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी के राज्यसभा में दिए गए भाषण के बाद सवाल पूछे थे। उन्होंने कहा था कि ये देश आपसे सवाल करता है और आपको देश का पीएम होने के नाते सभी सवालों का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने पहले सवाल में पूछा था कि क्या आपने पेरिस जाकर खुद राफेल डील बदली है? दूसरे सवाल में पूछा था कि क्या आपने सुरक्षा मामलों में कैबिनेट से मंजूरी ली? वहीं तीसरे और आखिरी सवाल में राहुल ने पूछा था कि राफेल डील का सौदा कितने में किया? यह देश आपसे जानना चाहता है।