काम की तलाश में विदेश जाने वाले भारतीयों को नारंगी पासपोर्ट दिए जाने के फैसले पर रविवार (14 जनवरी) को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐतराज जताया है। उन्होंने सरकार के इस कदम को भेदभाव भरा बताया है। राहुल ने आगे कहा कि सरकार काम की तलाश के लिए विदेश जाने वाले भारतीय कामगारों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रही है, जिसे बर्दास्त नही किया जा सकता है।
आपको बता दें कि अभी तक काम की तलाश में विदेश जाने वाले सभी भारतीयों के लिए नीले रंग का पासपोर्ट जारी किया जाता है। इस बारे में राहुल गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर कहा कि इस कदम से भाजपा की भेदभावपूर्ण सोच का पता चलता है।
गौरतलब है कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते इसकी घोषणा की थी। विदेश मंत्रालय ने अपनी घोषणा में कहा था कि पासपोर्ट का आखिरी पन्ना अब नहीं छापा जाएगा। मालूम हो कि भारतीय पासपोर्ट के आखिरी पन्ने पर पिता या कानूनी अभिभावक, माता, पति या पत्नी और पते की जानकारी होती है। नए पासपोर्ट में आखिरी पन्ना खाली रहेगा। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के पास रहेगी इसलिए इसका सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। और साथ ही अभी तक जो नीले रंग के पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं वो भी मान्य रहेंगे।
ऐसे पासपोर्ट उनके लिए जारी किए जाएंगे जिन लोगों की स्कूली एजुकेशन अभी अधूरी है और वो काम की तलाश में विदेश जाना चाहते हैं। हालांकि अभी पासपोर्ट तीन रंगों में जारी किए जाते हैं। सरकारी अधिकारियों के पास सफेद पासपोर्ट होता है, राजनयिकों को लाल पासपोर्ट जारी किए हैं और अन्य सभी लोगों को नीला पासपोर्ट मिलता है।