मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी विशेषतौर पर दिल्ली की महिला पत्रकारों से मिले। इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। एक तरफ बहस यह छिड़ी है कि महिला पत्रकार हैं या सिर्फ पत्रकार हैं। दूसरी तरफ अब सवाल यह भी पूछा जा रहा है कि कांग्रेस अब किस नीति पर काम कर रही है और इस मुलाकात के मायने क्या हैं।
बहरहाल इस मुलाकात के बाद पत्रकारों को खूब खबरे मिलीं वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी भले ही 'ऑफ द रिकॉर्ड' बात की हो लेकिन बात सूत्रों के माध्यम से खूब निकली और सूर्खियां बनी। राहुल ने एक बार फिर कहा है कि वह प्रधानमंत्री बनने के लिए तैयार हैं। अगर वह किसी कारण बस प्रधानमंत्री नहीं बन सके तो वह बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और त्रिणमूल कांग्रेस की मुखिया और कोलकाता की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी का प्रधानमंत्री बनाने के लिए भी सपोर्ट करेंगे।
राहुल ने कहा कि वह चाहते हैं कि 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं बननी चाहिए। आरएसएस और भाजपा का विजयी रथ रोकने के लिए विपक्षी पार्टियां एकजुट हो रही हैं। राहुल को बस अब उस वक्त का इंतजार है कि कब तीसरा मोर्चा उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करता है। राहुल ने 2019 के लोकसभा चुनाव को जीतने को लेकर अपनी कमर कस ली है। वह एक रणनीति के तहत राजधानी दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में महिला पत्रकारों के साथ एक ऑफ द रिकॉर्ड मीटिंग रखी थी।
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मीटिंग शाम को हाई टी के साथ शुरू हुई। इस मीटिंग में विभिन्न मीडिया हाउस में कांग्रेस पार्टी पर करीब से नजर रखने वाली पत्रकारों के साथ महिला प्रेस क्लब की मौजूदा मैनेजिंग कमिटी की सदस्यों सहित 100 पत्रकारों को आमंत्रित किया था। राहुल ने इस मीटिंग के लिए खास तैयारियां की थीं। बताया जा रहा है कि यह मीटिंग वैसे तो 20 जुलाई को होने वाली थी लेकिन मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के कारण इस मीटिंग को आज यानि 24 जुलाई तक मुलतवी कर दिया गया था।
आईआईसी में हुई मीटिंग में राहुल महिला पत्रकारों से खुलकर बात की। नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पत्रकार ने बताया कि राहुल ने खुलकर बात की। पत्रकारों से मीटिंग के लिए 11 गोलमेज लगाई गई थीं। हर एक टेबल पर करीब 10 महिला पत्रकार बैठीं थीं।
राहुल हर टेबल पर जाकर उनसे उनका हालचाल पूछने के साथ-साथ पत्रकारों द्वारा पूछे जा रहे सवालों का जवाब दे रहे थे। महिला पत्रकारों का समूह उस समय चकित रह गया जब एक पत्रकार ने उन्हें जापानी भाषा में नमस्कार किया और राहुल ने भी उतनी ही तेजी से उन्हें जापानी में ही जवाब दिया।
राहुल ने इस मुलाकात में एक बार फिर उन बातों को दोहराया जो उन्होंने संसद में कहीं थीं। मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में हमारे रिश्ते पड़ोसी देशों के साथ बहुत तेजी से बिगड़े हैं। उन्होंने कहा कि नेपाल और बांग्लादेश हमारा हमेशा से हितैशी देश रहा है आज मोदी की विदेश नीतियों की वजह से पाकिस्तान और चीन ही नहीं श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश जैसे देशों से भी हमारे रिश्ते खराब हो रहे हैं।
वहीं उन्होंने एक बार फिर से राफेल डील के मुद्दे सहित, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा सहित विभिन्न मुद्दों पर बात की। तीन घंटे चली इस बैठक में राहुल ने हर महिला पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।