राम बहादुर राय, राहुल गांधी के अचानक धार्मिक हो जाने का कारण अयोध्या आंदोलन और उसके बाद नरेन्द्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना बताते हैं। राय का कहना है कि इन दोनों स्थितियों ने उन्हें सॉफ्ट हिंदुत्व की लाइन पकड़ने पर मजबूर कर दिया है। राहुल गांधी जनेऊ पहन रहे हैं, शिवालय, देवालय जा रहे हैं, कलावा बांध रहे हैं, लाल टीका लगा रहे हैं और शिव तथा राम की भक्ति भी कर रहे हैं। राय ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष का भाषण सुन रहे थे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मान के विरोध में वह बोल रहे थे तो उनके भाषण में भी हिंदू धर्म और संस्कृति का पर्यावरण दर्शन था। यह बदली हुई परिस्थिति और मुस्लिम तुष्टीकरण के कांग्रेस के ऊपर लगे धब्बे को राहुल गांधी मिटाने की कोशिश कर रहे हैं।
नाटक और पाखंड : राहुल देव
वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष पाखंड कर रहे हैं। कांग्रेस को यह समझने में काफी देर लग गई कि मुस्लिम परस्ती की उसकी नीतियों से बहुसंख्यक हिंदू समाज उससे किनारा कस रहा है। हिंदू समाज का भी मन बदला है। इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष को बदलना पड़ रहा है। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि राहुल गांधी के भीतर आया यह बदलाव किस हद तक सच्चा है। क्योंकि राहुल गांधी के पारिवारिक आचरण में कभी हिंदूपन दिखा नहीं। हिंदू धर्म, संस्कृति, रीति, रिवाज से आस्था नहीं दिखी। राहुल गांधी के भीतर एक गंभीर राजनेता का लक्षण नहीं दिखाई देता। हालांकि उन्होंने खुद को पहले से काफी बेहतर बनाया है, लेकिन अभी उन्हें काफी कुछ साबित करना है।