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'मोदी सरकार में दूरदर्शिता की कमी': कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने क्यों कहा- चुनाव तक सरकार ने सबकुछ छिपाकर रखा

Mon, 18 May 2026 01:34 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, नई दिल्ली

सार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर महंगाई के लिए निशाना साधा है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार में दूरदर्शिता की कमी होने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने चुनाव तक अर्थव्यवस्था की स्थिति को जनता से छिपाकर रखा। 
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मल्लिकार्जुन खरगे, अध्यक्ष, कांग्रेस - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में दूरदृष्टि की कमी है और उन्होंने विधानसभा चुनावों तक देश की आर्थिक स्थिति और बढ़ती महंगाई को जनता से छिपाकर रखा गया। खरगे की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सरकार ने रविवार को सीएनजी की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की। पिछले एक सप्ताह में यह दूसरी बार है जब सीएनजी महंगी हुई है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने पर खरगे ने साधा निशाना
इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से सरकारी तेल कंपनियों पर भारी दबाव पड़ रहा था। खरगे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा पोस्ट में कहा, 'अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव से पहले पेट्रोल, डीजल और दूसरी चीजों के दाम बढ़ाते, तो उन्हें भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ता।'
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खरगे ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया, 'मोदी सरकार ने चुनाव खत्म होने तक देश से सब कुछ छिपाकर रखा, लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म हुए, हर चीज के दाम बढ़ा दिए गए।' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'भाजपा सरकार और मोदी में दूरदृष्टि की कमी है, इसलिए उन्हें पहले से बढ़ती महंगाई का अंदाजा नहीं था।' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगी क्योंकि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है। खरगे ने कहा, 'देश के गरीब लोग अपनी जरूरत की जरूरी चीजें तक नहीं खरीद पा रहे हैं।'
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शुक्रवार को सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का एलान किया है। चार साल से भी ज्यादा समय में यह पहली बार है जब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर कच्चे तेल की कीमतों में हुई भारी वृद्धि हुई है, जिसके चलते दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारत में तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के 16 दिन बाद हुई है। जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। 
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